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इराक़ में 13 पुलिस कार्यकर्ता मारे गए | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में अधिकारियों ने बताया है कि दो बसों पर हुए हमले में 13 लोगों की मौत हो गई है और 24 अन्य घायल हो गए हैं. बताया जा रहा है कि ये सभी लोग पुलिस की मदद करने के लिए नियुक्त किए गए थे जो कि मुरादिया क्षेत्र से बगदाद आ रहे थे. राजधानी बगदाद में एक पुलिस अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि राजधानी वापस आ रहे ये सभी कार्यकर्ता निहत्थे थे. वापस लौटते समय सड़क पर ही एक बम धमाके और गोलीबारी में इन लोगों की मौत हो गई है. ये लोग दियाला क्षेत्र से अपना बेस बंद करके वापस लौट रहे थे क्योंकि वहाँ लगातार हमले हो रहे थे. बताया जा रहा है कि ये कार्यकर्ता शिया विद्रोही समूह, मेहदी आर्मी में थे जिसे छोड़कर ये पुलिस में शामिल हुए थे. हमले के बाद इस क्षेत्र में तीन दिनों के लिए कर्फ्यू लगा दिया गया है. यह भी ख़बरें आ रही हैं कि वापस लौट रहे इन लोगों में से 80 लोग लापता हैं और उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है. बढ़ती हिंसा इसके अलावा इराक़ में अलग-अलग घटनाओं में 12 और लोगों की भी मौत हो गई है. इनमें से तीन बगदाद के एक बाज़ार में हुए बम धमाके में मारे गए हैं. इससे पहले शनिवार को हुए हमलों में कम से कम 17 लोगों के मारे जाने की ख़बरें मिली थीं. गौरतलब है कि रमजान के महीने की शुरूआत से ही इराक़ में शिया और सुन्नी समुदाय के बीच संघर्ष में तेज़ी आई है और इस हिंसा में कई आम लोगों के अलावा सैनिक और विद्रोही भी मारे गए हैं. हिंसा में आई तेज़ी अमरीकी सेना के लिए भी भारी पड़ रही है क्योंकि पिछले एक महीने में अमरीकी सेना के लगभग 70 जवान अलग-अलग घटनाओं में मारे जा चुके हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें इराक़ में हिंसा, 17 की मौत21 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना अमारा में कड़ी सुरक्षा, इराक़ी सैनिकों की तैनाती21 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना इराक़ में रणनीति बदलते रहे हैं: जॉर्ज बुश21 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना 'इराक़-वियतनाम की तुलना हो सकती है'19 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना इराक़ की सतर्क प्रतिक्रिया13 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना 'इराक़ से ब्रितानी सेना वापस लौटे'12 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना इराक़ में मृतक संख्या 'साढ़े छह लाख'11 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना अमरीका की इराक़ नीति पर पुनर्विचार07 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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