BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
मित्र को भेजेंकहानी छापें
'इराक़-वियतनाम की तुलना हो सकती है'
बुश
जॉर्ज बुश ने माना है कि इराक़ के हालात की तुलना वियनताम अभियान से की जा सकती है
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने स्वीकार किया है कि इराक़ के हालात की तुलना 1968 में वियतनाम- टेट अभियान से की जा सकती है.

जॉर्ज बुश ने एबीसी टीवी नेटवर्क से बातचीत में कहा कि इराक़ में हिंसा में आई तेज़ी वियतनाम युद्ध के दौरान अमरीका के दर्दनाक अनुभव के समान है.

इस साल इराक़ में केवल अक्तूबर महीने में अब तक करीब 70 अमरीकी सैनिक मारे जा चुके हैं यानी हर दिन औसत तीन अमरीकी लोगों की मौत.

हताहत सैनिकों की ये संख्या पिछले कई महीनों के मुकाबले काफ़ी ज़्यादा है.

वियतनाम युद्ध

वियतनाम- टेट अभियान को वियतनाम युद्ध में अहम मोड़ माना जाता है.

 इराक़ में हिंसा में आई तेज़ी वियतनाम युद्ध के दौरान अमरीका के दर्दनाक अनुभव के समान है
जॉर्ज बुश

इसी दौरान अमरीकी जनमत वियतनाम युद्ध के ख़िलाफ़ हो गया था. और उधर वियत काँग और उत्तरी वियतनाम के सेनाओं ने मिलकर अमरीकी ठिकानों पर हमले शुरू कर दिए थे.

सैन्य स्तर पर तो ये अभियान वफल रहा था लेकिन मनोवैज्ञानिक स्तर पर ये अमरीका के लिए बड़ा धक्का था और तत्कालीन राष्ट्रपति लिंडन जॉनसन के प्रति समर्थन घटने लगा था.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि एबीसी से इंटरव्यू में अमरीकी राष्ट्रपति ये संकेत देना चाह रहे थे कि अगर हिम्मत बनाए रखें तो इतिहास को दोहराए जाने से बचा जा सकता है.

दरअसल एबीसी के साथ साक्षात्कार में जॉर्ज बुश से ये सवाल पूछा गया था कि क्या एक अख़बार में लिखने वाले स्तंभकार का ये कहना सही है कि इराक़ अभियान की तुलना वियतनाम के टेट अभियान से की जा सकती है.

'इराक़ से नहीं हटेंगे'

हताहतों की बढ़ती संख्या के बावजूत अमरीकी सैनिक इराक़ में रहेंगे,इराक़ से हटना आत्मसमर्पण के समान होगा.
जॉर्ज बुश

व्हाइट हाउस ने बाद में अमरीकी राष्ट्रपति के बयान पर स्पष्टीकरण दिया है.

प्रवक्ता डाना पेरिनो ने एक बयान में कहा, "राष्ट्रपति वही बात दोहराने की कोशिश कर रहे थे जो वे पहले भी कह चुके हैं- दुश्मन हमारी इच्छाशक्ति को हिलाने की कोशिश कर रहे हैं."

वैसे अमरीकी राष्ट्रपति ने इस बात से इनकार किया है कि इराक़ में मारे जाने वाले अमरीकी और इराक़ी सैनिकों की बढ़ती संख्या का मतलब ये है कि इराक़ अभियान विफल हो रहा है.

एबीसी से बातचीत में जॉर्ज बुश ने दोहराया कि हताहतों की बढ़ती संख्या के बावजूत अमरीकी सैनिक इराक़ में रहेंगे.

अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा कि इराक़ से हटना आत्मसमर्पण के समान होगा.

उन्होंने कहा, "अल क़ायदा अभी भी इराक़ में सक्रिय है. वो सिर्फ़ अमरीकी सैनिकों को ही नहीं मारना चाहता बल्कि जातीय हिंसा भी भड़काना चाहता है. वे लोग सोचते हैं कि इस तरह अमरीकी तंग आ जाएँगे."

जॉर्ज बुश का कहना है कि दुश्मन खेमे के लोग सफलता को हताहतों की संख्या से आंकते हैं जबकि वे सफलता के इस नज़रिए से देखते हैं कि मध्य पूर्व में लोकतंत्र फल फूल रहा है य नहीं, इराक़ में स्कूल-अस्पताल बन रहे हैं या नहीं.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अमरीका में हुए जनमत सर्वेक्षणों से संकेत मिल रहे हैं कि राष्ट्रपति बुश की रिपब्लिकन पार्टी अगले महीने के कांग्रेस चुनाव में हार जाएगी और ऐसे में राष्ट्रपति बुश लड़ने की पूरी कोशिश कर रहे हैं.

इससे जुड़ी ख़बरें
अमरीकी सैनिकों पर मुक़दमा चलेगा
19 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना
इराक़ में 10 अमरीकी सैनिकों की मौत
18 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना
'इराक़ पर सीरिया सहयोग दे सकता है'
18 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना
विभिन्न हमलों में 17 की मौत
15 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>