|
भारी बमबारी, इसराइल की चेतावनी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लेबनान पर इसराइल का हमला जारी है. इसराइल ने लगातार दसवें दिन लेबनान की राजधानी बेरूत पर भारी बमबारी की. इसराइली सेनाओं ने दक्षिणी लेबनान में कुछ पर्चे गिराए हैं जिनमें आम लोगों को सलाह दी गई है कि वे उस इलाक़े से तुरंत चले जाएँ. एक इसराइली सैन्य कमांडर ब्रिगेडियर जनरल एलन फ्रीडमैन ने कहा है कि यह संभव है कि आने वाले दिनों में दक्षिणी लेबनान में इसराइली हमले और तेज़ हों. लेबनान के टायर शहर में मौजूद एक बीबीसी संवाददाता का कहना है कि दक्षिणी लेबनान में आसपास के इलाक़ों में इसराइली बमबारी से लगातार भारी धमाकों की आवाज़ें आ रही हैं. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि दक्षिणी लेबनान में रह रहे लोगों के सामने संकट की स्थिति पैदा हो गई है क्योंकि उनके गाँवों का संपर्क टूट गया है. वहाँ सड़कें ध्वस्त हो गई हैं और इसराइली कह रहे हैं कि इलाक़े में जो भी वाहन चलता हुआ दिखाई देगा उसे हमले का निशाना बनाया जा सकता है. उधर इसराइली विमानों ने लेबनान की राजधानी बेरूत और अन्य इलाक़ों पर हवाई हमले जारी रखे हैं. इसराइली सेना ने कहा है कि उसने शुक्रवार को लेबनान में 40 से ज़्यादा ठिकानों को हवाई हमलों का निशाना बनाया है. इसराइली सैनिक लेबनान की सीमा के भीतर हिज़्बुल्ला लड़ाकों के साथ भीषण लड़ाई कर रहे हैं और उनका कहना है कि इस लड़ाई में इसराइल के चार सैनिक मारे गए हैं और कुछ घायल हुए हैं. लेकिन हिज़्बुल्ला की तरफ़ से किसी के हताहत होने की ख़बर नहीं है. 'एंबुलेंस पर हमले' लेबनान के प्रधानमंत्री फ़ुआद सिन्यूरा ने कहा है कि दस दिन से जारी इस लड़ाई में 330 से ज़्यादा लेबनानी मारे गए हैं.
सीएनएन को दिए एक इंटरव्यू में सिन्यूरा ने कहा कि इसराइली हमलों में 55 से ज़्यादा पुल ध्वस्त हुए हैं और इसराइली सेनाओं ने एंबुलेंस और चिकित्सा काफ़िलों को भी निशाना बनाया है. लेबनानी प्रधानमंत्री ने कहा, "यह अब सिर्फ़ हिज़्बुल्ला के ख़िलाफ़ हमला नहीं बचा है. यह अब लेबनान और लेबनानियों के ख़िलाफ़ हमला बन चुका है." बमबारी में बहुत सी सड़कें और पुल तबाह हो गए हैं जिसकी वजह से राहत कार्यों में मुश्किलें आ रही हैं. संयुक्त राष्ट्र ने गुरूवार को आगाह किया था कि लेबनान में मानवीय संकट बहुत तेज़ी से बढ़ रहा है. इस लड़ाई से लेबनान के भीतर ही लगभग पाँच लाख लोग विस्थापित हो गए हैं. इस लड़ाई में 34 इसराइली मारे गए हैं जिनमें 15 आम आदमी भी हैं जो इसराइली शहरों पर हिज़्बुल्ला के रॉकेट हमलों में मारे गए हैं. हिज़्बुल्ला उधर हिज़्बुल्ला के नेता हसन नसरल्ला ने स्पष्ट किया है कि वे दो इसराइली सैनिकों को फ़लस्तीनी बंधकों की अदला-बदली में ही छोड़ेंगे. हसन नसरल्ला ने अरबी टीवी चैनल अल जज़ीरा को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि इसराइली हमलों से हिज़्बुल्ला के नेतृत्व ढाँचे को कोई नुक़सान नहीं पहुँचा है. इसराइल ने इससे पहले कहा था कि उसने एक ऐसे बंकर पर बमबारी की है जिसे हिज़्बुल्ला नेता नसरल्ला इस्तेमाल करते थे और इस संगठन की मिसाइलों को नष्ट कर दिया है. ग़ौरतलब है कि लेबनान में हिज़्बुल्ला समानांतर सरकार की तरह है और उसकी सैनिक ताक़त लेबनान की राष्ट्रीय सेना से कहीं ज़्यादा है. दूसरी ओर संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने कहा है कि इसराइल और हिज़्बुल्ला के बीच तुरंत युद्ध विराम होना चाहिए ताकि लोगों की जानें बचाई जा सकें और वहाँ सहायता पहुँच सके. लेकिन अमरीका और इसराइल ने तुरंत युद्ध विराम पर अपनी आपत्तियाँ दोहराई हैं. |
इससे जुड़ी ख़बरें अन्नान ने कहा, तुरंत युद्ध विराम हो20 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना सिन्यूरा की अपील के बावजूद हमले जारी19 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना इसराइली शहर हाइफ़ा पर रॉकेट हमले13 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना लेबनान से लाखों लोगों का पलायन18 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना इसराइल के हमले जारी, संयुक्त राष्ट्र चिंतित18 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना लेबनान पर इसराइल के हमले और तेज़16 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना मध्य पूर्व विवाद पर मत विभाजित16 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना हमले रोकने के लिए इसराइल की शर्त14 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||