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अन्नान ने कहा, तुरंत युद्ध विराम हो
घायल बच्चा
संघर्ष से पाँच लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं
संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने कहा है कि इसराइल और हिज़बुल्ला के बीच तुरंत युद्ध विराम होना चाहिए ताकि लोगों की जानें बचाई जा सकें और वहाँ सहायता पहुँच सके.

लेकिन अमरीका और इसराइल ने तुरंत युद्ध विराम पर अपनी आपत्तियाँ दोहराई हैं.

ख़बरें मिली हैं कि लेबनान की सीमा के क़रीब दो इसराइली सैन्य हेलीकॉप्टर आपस में भिड़ गए हैं जिससे कुछ सैनिकों की जानें गई हैं.

इस बीच इसराइली सैनिकों और हिज़बुल्ला के लड़ाकों के बीच भीषण लड़ाई जारी है और संकेत मिल रहे हैं कि इसमें तेज़ी आ सकती है.

उधर विदेशी नागरिकों को लेबनान से निकाले जाने का कार्य पूरी गति से चल रहा है और अब तक कोई दस हज़ार विदेशी नागरिकों को सुरक्षित निकाला जा चुका है.

अपील

मध्यपूर्व में एक मिशन पर जा रहे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्यों को संबोधित करते हुए महासचिव कोफ़ी अन्नान ने साफ़ कर दिया है कि वे युद्ध विराम चाहते हैं.

लेकिन उन्होंने यह भी स्वीकार किया है कि तुरंत युद्ध विराम संभव नहीं है क्योंकि इसमें कुछ बाधाएँ हैं.

और ये बाधाएँ हैं अमरीका और इसराइल, जिन्हें युद्ध विराम पर आपत्तियाँ हैं.

कोफ़ी अन्नान

संयुक्त राष्ट्र में अमरीका के राजदूत जॉन बॉल्टन ने कहा है कि यह कोई नहीं समझा रहा है किसी चरमपंथी संगठन के साथ युद्द विराम समझौता किस तरह लागू किया जा सकता है.

इसी तरह से इसराइल के राजदूत डैन जिलरमैन ने कहा है कि युद्ध विराम पर किसी भी चर्चा से पहले 'आंतक' को रोका जाना चाहिए.

कोफ़ी अन्नान ने जहाँ हिज़बुल्ला को हिंसा की शुरुआत के लिए दोषी ठहराया है वहीं कहा है कि इसराइल सेना का अत्यधिक उपयोग कर रहा है.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने लेबनान की सरकार और वहाँ के लोगों को इस विवाद का शिकार बताया है.

उनका कहना था कि कोई पाँच लाख लोग इस हिंसा से प्रभावित हैं और अब उन्हें मानवीय सहायता की ज़रुरत है.

भीषण संघर्ष

इसराइली सेना के हमलों में कमी के तो कोई संकेत नहीं हैं लेकिन अब यह एक नए दौर में पहुँच चुका है.

पिछले दो दिनों से इसराइली सेना और हिज़बुल्ला के लड़ाकों के बीच भीषण संघर्ष चल रहा है.

 हमारे पास सब कुछ है, वायुसेना है, नौसेना है और थल सेना कार्रवाई कर रही है. तय है की हम लेबनान पर आधिपत्य नहीं चाहते. हम सब कुछ के लिए तैयार हैं
ब्रिगेडियर जनरल इडो नेहुश्तान

गुरुवार को दो इसराइली सैनिकों की मौत हुई है जबकि हिज़बुल के कई लड़ाके मारे गए.

बीबीसी संवाददाता एडम जेम्स के अनुसार हमेशा की तरह ही भीषण गोलाबारी के बाद भी हिज़बुल्ला संगठित और प्रतिबद्ध लड़ाकों का एक संगठन दिखाई पड़ रहा है.

इसलिए जब विश्लेषक इसराइली अभियान की सफलता पर सवाल उठाने लगे हैं, इसराइल ने थलसेना का प्रयोग बढ़ा दिया है.

संकेत हैं कि आने वाले दिनों में इसमें बढ़ोत्तरी ही होगी.

ज़मीनी कार्रवाई
इसराइली सेना ने ज़मीनी कार्रवाई जारी रखी है

लेकिन इसराइल इस बार लेबनान पर आधिपत्य का अपना पुराना अनुभव दोहराना नहीं चाहता.

18 साल के आधिपत्य के दौरान इसराइल को एक हज़ार से अधिक सैनिकों को खोना पड़ा था और हासिल कुछ नहीं हुआ था.

इसराइली सेना का प्रभार संभालने जा रहे ब्रिगेडियर जनरल इडो नेहुश्तान का कहना है, "हमारे पास सब कुछ है, वायुसेना है, नौसेना है और थल सेना कार्रवाई कर रही है. तय है की हम लेबनान पर आधिपत्य नहीं चाहते. हम सब कुछ के लिए तैयार हैं."

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इसका अर्थ क्या है, इसे कोई नहीं जानता लेकिन यह तय है कि यह अभी कुछ समय तक चलता रहेगा.

हिज़्बुल्लाहिज़्बुल्ला की ताक़त
लेबनान में चरमपंथी संगठन हिज़्बुल्ला की ताक़त में लगातार इजाफ़ा हुआ है.
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लेबनान को मध्यपूर्व के सबसे जटिल राष्ट्रों में से एक कहा जा सकता है.
मानचित्रलेबनान-इसराइल इलाक़े
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