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इसराइल ने ईरान को दोषी ठहराया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइली प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट ने आरोप लगाए हैं कि परमाणु कार्यक्रम के विवाद से ध्यान हटाने के लिए ईरान ने हिज़्बुल्ला के साथ मिलकर उसके दो सैनिकों का अपहरण किया है. इस बीच लेबनान पर इसराइली हमले जारी हैं और हमले के सातवें दिन कोई 30 लोग मारे गए हैं. इन हमलों से विदेशी नागरिकों को बचाने के लिए बड़े पैमाने पर कार्रवाई हो रही है. हेलीकॉरप्टर और नौकाओं से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है. लाखों लोग सीरिया की ओर पलायन कर रहे हैं. सीरिया ने लेबनान से लगी अपनी सीमा पर कई केंद्र बनाए हैं. इस बीच अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्लू बुश ने सीरिया पर आरोप लगाए हैं कि वह मौक़े का फ़ायदा उठाकर लेबनान पर अपना असर जमाने की कोशिश कर रहा है. उल्लेखनीय है कि पिछले बुधवार को दो इसराइली सैनिकों को बंधक बना लिए जाने के बाद इसराइल ने लेबनान पर हमले शुरु कर दिए थे. इन हमलों में 30 सैनिकों सहित 230 लेबनानी नागरिक मारे जा चुके हैं. हिज़्बुल्ला के कितने लोग मारे गए हैं, इसकी जानकारी नहीं है. ईरान के ख़िलाफ़ एहुद ओल्मर्ट ने कहा है कि सीमापार से हुए जिस हमले में आठ इसराइली सैनिक मारे गए और दो का अपहरण कर लिया गया, उसमें ईरान का सहयोग था.
उनका कहना है कि इस कार्रवाई के लिए जो समय चुना गया है, वह कोई संयोग भर नहीं है. इसराइली प्रधानमंत्री का कहना है कि ऐसा इस समय इसलिए किया गया ताकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर नज़र न रखकर यह देखने लगे कि लेबनान में क्या हो रहा है. उनका कहना था कि ईरान इसमें सफल भी हुआ क्योंकि जी-8 देशों की बैठक में ईरान की जगह लेबनान का मुद्दा ही हावी रहा. बीबीसी संवाददाता रॉब नॉरिस का कहना है कि एहुद ओल्मर्ट ने पहली बार इस तरह खुलकर ईरान पर आरोप लगाए हैं. उन्होंने दोहराया है कि वे हिज़्बुल्ला के साथ कोई बात नहीं करेंगे. नरम न होने का संकेत देते हुए उन्होंने कहा कि इस समय शांति सेना की बात करना थोड़ी जल्दबाज़ी होगी. बचाव इस बीच लेबनान से विदेशी नागरिकों को बचाकर निकालने की मुहीम तेज़ हो गई है.
हेलीकॉप्टर और नौकाओं से लोगों को बचाकर सुरक्षित स्थानों की ओर ले जाया जा रहा है. सैकड़ों यूरोपीय नागरिक साइप्रस पहुँचाए जा चुके हैं. एक ब्रितानी पोत बूढ़े और कमज़ोर लोगों को लेकर बेरुत से रवाना हुआ है. अमरीका का कहना है कि उसके कोई तीन सौ नागरिकों को सुरक्षित निकाला जा रहा है. कनाडा भी अपने नागरिकों के लिए छह पोत भेज रहा है. इस बीच हज़ारों लेबनानी नागरिकों का सीरिया की ओर जाना जारी है. सीरियाई रेड क्रिसेंट ने स्कूलों को शरणार्थी शिविर बनाने की तैयारी की है. सात दिन पहले लेबनान पर शुरू हुए इसराइली हमले के बाद से क़रीब डेढ़ लाख लोग सीमा पार करके सीरिया पहुँच गए हैं. संयुक्त राष्ट्र ने भी कहा है कि वह अपने ग़ैर ज़रूरी कर्मचारियों को लेबनान से हटाना शुरू कर दिया है. बुश का आरोप उधर अमरीकी राष्ट्रपति बुश ने सीरिया पर आरोप लगाए हैं कि वह मौक़े का फ़ायदा उठाकर चरमपंथी संगठन हिज़्बुल्ला के सहयोग से लेबनान पर असर डालने की कोशिश कर रहा है.
उन्होंने कहा है कि उन्हें शक है कि लेबनान एक बार फिर सीरिया को आने का न्यौता दे देगा. राष्ट्रपति बुश का कहना है कि यह ज़रुरी है कि सीरियाई सेनाओं के हटने के बाद लेबनान में बनी सरकार सफल हो और बची रहे. इस बीच इसराइल और हिज़्बुल्ला के बीच संघर्ष विराम के समय को लेकर अमरीका और मिस्र के बीच मतभेद उभर आए हैं. मिस्र के विदेशमंत्री अहमद अबॉल ग़ेत का कहना था कि युद्ध विराम तत्काल होना चाहिए जबकि अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलिज़ा राइस का कहना था कि सही समय पर युद्ध विराम हो जाएगा. मिस्र के विदेशमंत्री के अमरीका दौरे के बाद राइस के साथ एक संयुक्त पत्रकारवार्ता को संबोधित कर रहे थे. |
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