BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
गुरुवार, 08 जून, 2006 को 16:03 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
अल-क़ायदा के लिए बड़ा झटका: जॉर्ज बुश
ज़रक़ावी का शव
हमले में ज़रक़ावी के साथ उसके सात सहयोगी भी मारे गए
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने अबू मुसाब अल ज़रक़ावी के मारे जाने को चरमपंथी संगठन अल-क़ायदा के लिए एक बड़ा झटका बताया है.

जॉर्डन मूल के चरमपंथी अबू मुसाब अल-ज़रक़ावी बुधवार शाम इराक़ी शहर बक़ूबा के पास एक हवाई हमले में मारे गए थे.

इराक़ के प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने गुरूवार को राजधानी बग़दाद में आयोजित एक पत्रकारवार्ता में ज़रक़ावी के मारे जाने की घोषणा की.

कुछ ही देर बात व्हाइट हाउस में अपनी प्रतिक्रिया में अमरीकी राष्ट्रपति बुश ने कहा, "आतंक की विचारधारा ने अपने सबसे सक्रिय और आक्रामक दिखने वाले नेता को खो दिया है. ज़रक़ावी की मौत अल-क़ायदा के लिए एक बड़ा आघात है. यह आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में जीत है."

इराक़ में सैनिक कार्रवाई में अमरीका के निकट सहयोगी ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने ज़रक़ावी की मौत की ख़बर पर संतोष व्यक्त करते हुए इसे इराक़ के लिए महत्वपूर्ण दौर बताया.

हालाँकि बुश और ब्लेयर दोनों ने कहा कि ज़रक़ावी की मौत से इराक़ में हिंसा का दौर थमने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए.

हवाई हमला

बग़दाद में इराक़ी प्रधानमंत्री मलिकी जब ज़रक़ावी के मारे जाने की घोषणा कर रहे थे तो उनके साथ इराक़ में अमरीकी राजदूत खलीलज़ाद और विदेशी सेनाओं के संयुक्त कमांडर अमरीकी जनरल जॉर्ज केसी भी मौजूद थे.

मलिकी ने कहा कि ज़रक़ावी को ख़त्म करने में इराक़ी जनता ने सहयोग किया. उधर जॉर्डन सरकार के एक प्रवक्ता ने दावा किया कि इस कार्रवाई में जॉर्डन ने भी महत्वपूर्ण सूचनाएँ उपलब्ध कराई थी.

अमरीकी जनरल केसी ने कहा कि ज़रक़ावी उत्तरी बक़ूबा से आठ किलोमीटर दूर एक हवाई हमले में मारे गए. ज़रक़ावी के ठिकाने पर अमरीकी एफ़-16 विमानों ने दो क्विंटल से ज़्यादा वज़न के दो बम गिराए.

ज़रक़ावी के शव की पहचान शरीर के दाग़, गोदना और अंगुलियों के निशान के आधार पर की गई.

अमरीकी राजदूत खलीलज़ाद ने कहा कि ज़रक़ावी का मारा जाना इराक़ में चरमपंथी गतिविधियों के ख़िलाफ़ संघर्ष में एक बड़ी सफलता है.

उन्होंने ज़रक़ावी को जातीय हिंसा भड़काने का ज़िम्मेदार बताया और उनकी मौत को इराक़ में हिंसा ख़त्म करने की दिशा में एक अच्छा क़दम बताया.

प्रमुख चरमपंथी

मुसाब अल ज़रक़ावी को इराक़ में अमरीकी सेना के ख़िलाफ़ लड़ने वाले अल क़ायदा छापामारों का सबसे बड़ा नेता माना जाता है.

आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में जीत का दावा

जॉर्डन के अल ज़रका शहर से ताल्लुक रहने वाले अबू मुसाब को अहमद अल ख़लील के नाम से भी जाना जाता है.

ज़रक़ावी को अमरीकी सैनिकों ने इराक़ में 'मोस्ट वांटेड' की सूची में सबसे ऊपर रखा था.

ज़रक़ावी को कई आत्मघाती बम हमलों और विदेशी नागरिकों के अपहरण और हत्या का दोषी ठहराया जाता है.

विशेषज्ञों का कहना है कि इराक़ी चरमपंथियों के बीच ज़रक़ावी का सिक्का चलता था और कई चरमपंथी उन्हें प्रेरणास्रोत के रूप में देखते थे.

अब तक ज़रक़ावी को पकड़ने की हर अमरीकी कोशिश नाकाम रही थीं. कई बार घिर जाने के बाद भी ज़रक़ावी हाथ नहीं आए थे.

जॉर्डन ने ज़रक़ावी की ग़ैर मौजूदगी में उनके ख़िलाफ़ मुक़दमा चलाकर उन्हें मौत की सज़ा सुनाई थी.

ज़रक़ावी का कार्यक्षेत्र सिर्फ़ इराक़ रहा हो ऐसा नहीं है, मोरक्को और तुर्की में हुई कई चरमपंथी घटनाओं के लिए उन्हें ज़िम्मेदार माना जाता है.

इससे जुड़ी ख़बरें
'ग़लती से छोड़ दिया ज़रक़ावी को'
16 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना
वेबसाइट पर 'ज़रक़ावी का वीडियो'
25 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>