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बुश और ब्लेयर ने ख़ुशी व्यक्त की | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने इराक़ में जॉर्डन मूल के चरमपंथी अबू मुसाब अल ज़रक़ावी के मारे जाने को आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में मिली एक जीत बताया है. बुश ने कहा, "आतंक कि विचारधारा ने अपने सबसे सक्रिय और आक्रामक दिखने वाले नेता को खो दिया है. ज़रक़ावी की मौत अल-क़ायदा के लिए एक बड़ा झटका है. यह आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में जीत है." व्हाइट हाउस में अपने संबोधन में बुश ने कहा कि ज़रक़ावी की मौत इराक़ की सरकार के लिए संघर्ष की दिशा मोड़न का बड़ा अवसर है. हालाँकि अमरीकी राष्ट्रपति ने माना कि इराक़ में हिंसा में कमी के आसार नहीं हैं. ब्रितानी प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने भी कहा है कि ज़रक़ावी की मौत से इराक़ में हिंसा का दौर थमने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए. ब्लेयर ने ज़रक़ावी की मौत की ख़बर को एक अच्छी ख़बर बताते हुए इसे इराक़ के लिए महत्वपूर्ण दौर बताया. ब्रितानी प्रधानमंत्री ने कहा इराक़ में अल क़ायदा को मिला झटका इस चरमपंथी संगठन के लिए विश्व स्तर पर एक बड़ा झटका साबित होगा. ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री जॉन हॉवर्ड ने कहा कि ज़रक़ावी के मारे जाने से इराक़ में अमरीकी गठजोड़ बलों का हौसला बढ़ेगा. अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने ज़रक़ावी के मारे जाने को अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के ख़िलाफ़ एक महत्वपूर्ण क़दम बताया. | इससे जुड़ी ख़बरें 'अल क़ायदा नेता ज़रकावी मारे गए'08 जून, 2006 | पहला पन्ना कई देशों में सक्रिय रहे ज़रक़ावी08 जून, 2006 | पहला पन्ना वेबसाइट पर 'ज़रक़ावी का वीडियो'25 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना 'विद्रोह की कमान ज़रकावी के पास नहीं'03 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना 'ग़लती से छोड़ दिया ज़रक़ावी को'16 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना ज़रक़ावी की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट 22 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना 'चिट्ठी अल क़ायदा की नहीं' 13 अक्तूबर, 2005 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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