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'ग़लती से छोड़ दिया ज़रक़ावी को' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के गृह उप मंत्री ने कहा है कि पिछले साल इराक़ी पुलिस ने चरमपंथी नेता अबू मुसाब अल ज़रक़ावी को पकड़ लिया था लेकिन ग़लती से उन्हें छोड़ दिया गया. उप गृह मंत्री हुसैन कमाल ने संवाददाताओं को बताया कि ज़रक़ावी को केंद्रीय इराक़ के फ़लूजा शहर से गिरफ़्तार किया गया था. लेकिन उन्हें कोई पहचान नहीं पाया, इसलिए छोड़ दिया गया. ज़रक़ावी को अल क़ायदा से जुड़ा हुआ माना जाता है और उनके गुट ने इराक़ में हुए कई बड़े हमलों की ज़िम्मेदारी ली है. अमरीकी सैनिकों ने भी इस साल दावा किया था कि उनके एक हमले में ज़रक़ावी घायल हो गए थे. अल क़ायदा ने इसके बाद एक बयान जारी किया था, जिससे ये तो लगा कि ज़रक़ावी घायल हुए थे लेकिन उनको काफ़ी कम चोट आई थी. इराक़ के गृह उप मंत्री हुसैन कमाल ने इस बात पर ज़ोर दिया कि इसके बावजूद आख़िरकार ज़रक़ावी पकड़ लिया जाएगा. उन्होंने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया, "वे भी एक इंसान हैं. उनके पास ख़ुदा की शक्ति नहीं. वे एक बार बच निकले लेकिन अगली बार ऐसा नहीं होगा. इराक़ी जनता पर किए गए अपराधों के लिए उन पर मुक़दमा भी चलेगा." इराक़ में ज़रक़ावी की सबसे ज़्यादा तलाश है और उन पर अमरीका ने ढाई करोड़ डॉलर का ईनाम रखा है. | इससे जुड़ी ख़बरें ज़रक़ावी की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट 22 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना 'चिट्ठी अल क़ायदा की नहीं' 13 अक्तूबर, 2005 | पहला पन्ना अल ज़वाहिरी की चिट्ठी पकड़ने का दावा07 अक्तूबर, 2005 | पहला पन्ना 'ज़रक़ावी' का दावा, चोट मामूली31 मई, 2005 | पहला पन्ना 'ज़रक़ावी के टेप' में जंग का ऐलान23 जनवरी, 2005 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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