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अल ज़वाहिरी की चिट्ठी पकड़ने का दावा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी अधिकारियों ने अल-क़ायदा उपनेता अल-ज़वाहिरी की एक चिट्ठी पकड़ने का दावा किया है जो कि उन्होंने इराक़ में सक्रिय चरमपंथी नेता अल-ज़रक़ावी को लिखी है. पेंटागन सूत्रों के अनुसार अल-क़ायदा नेतृत्व में नंबर दो माने जाने वाले अयमन अल-ज़वाहिरी ने इराक़ में संगठन के नेता अबू मुसाब अल-ज़रक़ावी को लिखा है कि चरमपंथी कार्रवाइयों से व्यापक मुस्लिम समुदाय अलग-थलग पड़ सकता है. पत्रकारों को चिट्ठी की जानकारी देते हुए पेंटागन के प्रवक्ता ब्रायन व्हिटमैन ने कहा कि संदेश असली मालूम पड़ता है. हालाँकि उन्होंने न तो चिट्ठी दिखाई और न ही ये बताया कि अमरीका को चिट्ठी कहाँ मिली. व्हिटमैन ने कहा, "ज़वाहिरी ने कहा है कि वो कई नेताओं को खो चुके हैं हैं और हार कर अफ़ग़ानिस्तान में रहने को मज़बूर हैं. उन्होंने कहा है कि उनके संचार और वित्त तंत्र बुरी तरह बाधित हुए हैं." गुप्त पत्र माना जाता है कि चिट्ठी अरबी भाषा में लिखी हुई है और मीडिया को इसकी जानकारी हो जाने के बाद प्रशासन को चिट्ठी मिलने की बात स्वीकार करनी पड़ी है. पेंटागन प्रवक्ता ने बताया कि ज़वाहिरी ने आगाह किया है कि बंधकों की हत्या और मस्जिदों पर हमले जैसी कार्वाइयाँ आम मुसलमानों को अलग-थलग कर सकती है. व्हिटमैन ने कहा कि ज़वाहिरी ने इराक़ पर शासन में आम मुसलमानों को शामिल करने की बात करते हुए कहा कि चरमपंथी कार्रवाइयाँ आम मुसलमानों को अलग-थलग कर सकती है. माना जाता है कि पत्र में इराक़ को एक इस्लामी राष्ट्र बनाने की रणनीति का भी ब्यौरा है. न्यूयॉर्क टाइम्स ने सरकारी सूत्रों के हवाले से कहा है कि छह हज़ार शब्दों वाला पत्र जुलाई में लिखा गया था. इराक़ में चरमपंथी विरोधी कार्रवाई के दौरान यह पत्र अमरीकी सेना के हाथ लगा. |
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