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ज़वाहिरी के टेप की जाँच | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन और अमरीका के अधिकारी अल क़ायदा नेता अयमन अल ज़वाहिरी के उस टेप की जाँच कर रहे हैं जिसमें उन्होंने ब्रिटेन और अमरीका को और हमलों की चेतावनी दी है. इस टेप का प्रसारण गुरूवार को अरबी टेलीविज़न चैनल अल जज़ीरा पर हुआ था. ओसामा बिन लादेन का दाहिना हाथ समझे जानेवाले ज़वाहिरी ने इस टेप में चेतावनी दी है कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर की विदेश नीति के कारण लंदन पर और हमले हो सकते हैं. लेकिन अधिकारी अभी पक्के तौर पर ये मानकर नहीं चल रहे कि लंदन में जुलाई में हुए हमलों के पीछे अल क़ायदा का हाथ था. बीबीसी के रक्षा मामलों के संवाददाता गॉर्डन कोरिया का कहना है कि इस वीडियोटेप को अल क़ायदा के प्रचार युद्ध का हिस्सा माना जा रहा है. इस टेप पर ब्रिटेन सरकार ने अभी कोई टिप्पणी नहीं की है और समझा जा रहा है कि शुक्रवार को टोनी ब्लेयर इस संबंध में कुछ कहेंगे. लेकिन अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने इस बारे में टिप्पणी करते हुए कहा है कि अल क़ायदा से मिली धमकियों की वजह से अमरीकी सैनिक इराक़ या मध्य पूर्व से बाहर नहीं निकलेंगे और अल क़ायदा के ख़िलाफ़ युद्ध जारी रहेगा. टेप अल ज़वाहिरी का टेप ऐसे दिन प्रसारित किया गया जब लंदन में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतज़ाम किए गए थे क्योंकि पिछली बार दोनों हमले गुरूवार के ही दिन हुए थे जिनमें एक नाकाम रहा था. सफ़ेद कुर्ते और काली पगड़ी में एक राइफ़ल की बगल में बैठे ज़वाहिरी ने इस टेप में कहा,"ब्लेयर ने लंदन के बीचोबीच तबाही लाई है और वे और तबाही लाएँगे, इंशाअल्लाह". ज़वाहिरी ने इस टेप में दूसरे देशों से भी कहा कि अगर वे हिंसा से बचना चाहते हैं तो वे मुस्लिम जगत से बाहर चले जाएँ. ज़वाहिरी के इस टेप के आने के बाद जॉर्ज बुश ने कहा,"हम ऐसे लोगों के ख़िलाफ़ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे". इससे पहले अल ज़वाहिरी का एक और टेप जून महीने में आया था जिसमें उन्होंने कहा था कि मुसलमानों को केवल शांतिपूर्ण तरीक़े से ही विरोध नहीं करना चाहिए बल्कि उन्हें हिंसा का भी सहारा लेना चाहिए. इस साल फ़रवरी में भी उनका एक टेप आया था. |
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