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अल क़ायदा की और हमलों की चेतावनी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अलक़ायदा के नेता ओसामा बिन लादेन के दाहिने हाथ माने जाने वाले अयमन अल ज़वाहिरी ने लंदन में कुछ और हमलों की चेतावनी दी है. अरब सैटेलाइट टेलीविज़न अल जज़ीरा पर दिखाए गए एक वीडियो टेप में ज़वाहिरी ने कहा कि इसकी वजह ब्रितानी प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर की विदेश नीति होगी. ज़वाहिरी ने कहा, "ब्लेयर मध्य लंदन में आपके लिए तबाही ले कर आए और इंशाल्लाह वह और तबाही लाएँगे." टोनी ब्लेयर ने इस बात से इनकार किया था कि सात जुलाई के बम हमले उनकी नीतियों की वजह से हुए थे. लेकिन इस टेप के बारे में डाउनिंग स्ट्रीट ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.
अमरीका को चेतावनी अल ज़वाहिरी ने अमरीका को भी चेतावनी देते हुए कहा है कि इराक़ का अंजाम विएतनाम से भी बुरा होगा. ज़वाहिरी ने दूसरे देशों को भी मुस्लिम इलाक़ों से दूर रहने के लिए कहा है. ब्रितानी सांसद जॉर्ज गैलोवे समेत कई आलोचकों ने कहा है कि लंदन पर हुए हमले का एक कारण इराक़ पर किया गया हमला है. टोनी ब्लेयर ने ये तो माना है कि इराक़ के मुद्दे का इस्तेमाल चरमपंथियों को प्रशिक्षित करने में किया जा रहा है लेकिन उनका कहना है कि कट्टरपंथ की जड़े बहुत गहरी हैं. सुरक्षा इंतज़ाम उधर, लंदन में इस गुरूवार को ज़बरदस्त चौकसी बरती जा रही है. सात जुलाई को लंदन में जिस दिन धमाका हुआ था उस दिन भी गुरूवार था और उसके दो सप्ताह बाद 21 जुलाई को जिस दिन धमाके करने की कोशिश की गई थी वह भी गुरूवार का दिन था. इस गुरूवार लंदन में 6000 से अधिक पुलिस अधिकारी शहर के मुख्य रेल स्टेशनों, भूमिगत रेल स्टेशनों और कई महत्वपूर्ण स्थानों पर तैनात हैं. इस गुरूवार को इतनी बड़ी संख्या में पुलिस को तैनात इसलिए किया गया है ताकि आमलोग सुरक्षित महसूस कर सकें. 21 जुलाई के विफल हमले के सिलसिले में गुरुवार को पहले व्यक्ति के ख़िलाफ़ मामला शुरू हुआ. उसे एक हफ़्ते के लिए हिरासत में भेज दिया गया है. |
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