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लंदन में भारी सुरक्षा व्यवस्था | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लंदन में इस गुरूवार को ज़बरदस्त चौकसी बरती जा रही है. सात जुलाई को लंदन में जिस दिन धमाका हुआ था उस दिन भी गुरूवार था और उसके दो सप्ताह बाद 21 जुलाई को जिस दिन धमाके करने की कोशिश की गई थी वह भी गुरूवार का दिन था. इस गुरूवार लंदन में 6000 से अधिक पुलिस अधिकारी शहर के मुख्य रेल स्टेशनों, भूमिगत रेल स्टेशनों और कई महत्वपूर्ण स्थानों पर तैनात हैं. इस गुरूवार को इतनी बड़ी संख्या में पुलिस को तैनात इसलिए किया गया है ताकि आमलोग सुरक्षित महसूस कर सकें. लंदन की भूमिगत रेल लाइन पर जिस पिकेडिली लाइन पर सबसे अधिक लोग मारे गए थे उसे भी गुरूवार से पूरी तरह खोल दिया गया. वहीं 21 जुलाई को हुए नाकाम बम धमाकों के सिलसिले में जिस पहले व्यक्ति, इस्माईल अब्दुर्रहमान के ख़िलाफ़ आरोप तय किए गए थे उन्हें एक सप्ताह के लिए पुलिस रिमांड में भेज दिया गया है. सुरक्षा लंदन पुलिस का कहना है कि उन्हें किसी तरह के हमले की कोई खुफ़िया जानकारी नहीं मिली है लेकिन फिर भी पूरा एहतियात बरता जा रहा है. लंदन के सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियाँ रद्द कर दी गई हैं और दूसरे शहरों से भी पुलिसकर्मियों को बुलाया गया है. इसके अलावा कई पूर्व पुलिस अधिकारियों से भी आतंकवाद-विरोधी कार्रवाई में सहायता ली जा रही है. लंदन की मेट्रोपोलिटन पुलिस के अधिकारी एंडी ट्रॉटर ने कहा,"हम अपने संसाधनों का जितना संभव हो उतना प्रयोग कर रहे हैं ताकि लंदनवासी आश्वस्त हों और कोई अगला हमला ना हो". साथ ही सादी वर्दियों में कई पुलिसकर्मी आम यात्रियों के साथ ही सफ़र कर रहे हैं ताकि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति पर निगाह रखी जा सके. वैसे मेट्रोपोलिटन पुलिस के सहायक आयुक्त तारिक़ गफ़ूर ने कहा है कि बहुत से पुलिस अधिकारी आतंकवाद विरोधी अभियान में व्यवस्त हो गए हैं जिसकी वजह से अन्य तरह के अपराधों की जाँच के काम पर असर पड़ा है. |
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