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'ज़रक़ावी का प्रमुख सहयोगी' पकड़ा गया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ की अंतरिम सरकार ने चरमपंथी नेता अबू मुसाब ज़रक़ावी के एक क़रीबी सहयोगी को पकड़ने की घोषणा की है. इराक़ में 30 जनवरी को चुनाव होने हैं और रविवार को ही ज़रक़ावी का एक कथित ऑडियो टेप जारी हुआ था जिसमें लोकतंत्र के ख़िलाफ़ संघर्ष का ऐलान किया गया था. समी मोहम्मद अली सईद अल जाफ़ को अबू उमर अल कुर्दी के नाम से भी जाना जाता है और क़रीब 32 कार बम हमलों के पीछे उनका हाथ माना जाता है. इनमें 2003 में बग़दाद स्थित संयुक्त राष्ट्र कार्यालय पर हुआ हमला भी शामिल है. ख़बर है कि अबू उमर अल कुर्दी को 15 जनवरी को ही गिरफ़्तार किया गया था लेकिन इस बारे में तुरंत जानकारी नहीं दी गई. कुर्दी की गिरफ़्तारी की घोषणा के कुछ घंटों पहले ही अंतरिम प्रधानमंत्री ईयाद अलावी के कार्यालय के निकट हुए आत्मघाती बम हमले में कम से कम 10 लोग घायल हो गए. एक इस्लामी वेबसाइट पर जारी एक बयान में ज़रक़ावी गुट ने इस धमाके की ज़िम्मेदारी ली है. महत्वपूर्ण गिरफ़्तारी इराक़ी सरकार रविवार को होने वाले चुनाव से पहले अबू उमर अल कुर्दी की गिरफ़्तारी को काफ़ी महत्वपूर्ण बता रही है.
एक सरकारी बयान में बताया गया है कि कुर्दी पर क़रीब 32 कार बम हमले का आरोप है. इनमें अगस्त 2003 में हुए तीन बड़े हमले भी शामिल हैं. इनमें से एक है बग़दाद स्थित संयुक्त राष्ट्र कार्यालय पर हुआ हमला जिसमें इराक़ में संयुक्त राष्ट्र के दूत सर्जियो डी मेलो सहित 21 लोग मारे गए थे. अगस्त 2003 में ही बग़दाद स्थित जॉर्डन के दूतावास पर भी हमला हुआ था जिसमें 11 लोग मारे गए थे. जबकि नजफ़ में हुए कार बम धमाके में शिया नेता अयातुल्ला मोहम्मद बक़र अल हाकिम सहित 85 लोग मारे गए थे. इराक़ की अंतरिम सरकार ने ज़रक़ावी के प्रचार प्रमुख की गिरफ़्तारी की भी घोषणा की है. रविवार को ही ज़रक़ावी का एक कथित ऑडियो टेप जारी हुआ था जिसमें इराक़ में लोकतंत्र के ख़िलाफ़ जंग का ऐलान किया गया था. टेप में शिया नेताओं को भी निशाना बनाया गया था और सुन्नी मुसलमानों से मतदान के ख़िलाफ़ संघर्ष करने की अपील की गई थी. |
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