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हमास रुख़ में बदलाव करे:इसराइल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइल ने कहा है कि हमास के नेतृत्व वाली फ़लस्तीनी सरकार अपने रुख़ में छह महीने के अंदर बदलाव करे अन्यथा इसराइल अपनी सीमाएँ तय करने के लिए इकतरफ़ा तौर पर कार्रवाई कर सकता है. इसराइली प्रधानमंत्री एहूद ओलमर्ट ने कहा है कि अगर इस मुद्दे पर कोई बातचीत होनी है तो उससे पहले हमास को हिंसा की निंदा करनी होगी, इसराइल को एक देश के रूप में मान्यता देनी होगी और अभी तक हुए समझौतों को मान्यता देनी होगी. इसराइल के न्याय मंत्री हाइम रामून ने इससे पहले कहा था कि सीमाएँ तय करने की प्रक्रिया 2008 के अंत तक पूरी हो सकती है. उधर फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने कहा है कि वह बातचीत बिना किसी देरी के फिर से शुरू करने के लिए तैयार हैं लेकिन इसराइली अधिकारियों ने अब्बास की इस पेशकश को अप्रासंगिक क़रार दिया है क्योंकि फ़लस्तीनी प्रशासन में हमास की सरकार है. इसराइली सीमाएँ तय करने वाली योजना में फ़लस्तीनी क्षेत्र पश्चिमी तट के कुछ हिस्सों से इसराइल का हटना शामिल हैं. इसके अलावा जो यहूदी बस्तियाँ अंतरराष्ट्रीय क़ानून का उल्लंघन करते हुए बनाई गई थीं उन्हें इसराइल में मिलाने का प्रस्ताव है. | इससे जुड़ी ख़बरें फ़लस्तीनियों को 'सीधे' सहायता10 मई, 2006 | पहला पन्ना फ़लस्तीनियों की सहायता पर सहमति09 मई, 2006 | पहला पन्ना 'अहमदीनेजाद ने बुश को आड़े हाथों लिया'09 मई, 2006 | पहला पन्ना इसराइली हवाई हमले में पांच मरे05 मई, 2006 | पहला पन्ना ओलमर्ट के अधीन नई सरकार का गठन04 मई, 2006 | पहला पन्ना इसराइली सीमा योजना पर अमल ज़रूरी04 मई, 2006 | पहला पन्ना अल क़ायदा से विचारधारा अलग: हमास23 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना 'इसराइल सैन्य कार्रवाई नहीं करेगा'18 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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