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फ़लस्तीनियों की सहायता पर सहमति | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थों में फ़लस्तीनियों की अंतरिम सहायता के लिए एक कार्ययोजना पर सहमति हो गई है. मंगलवार को न्यूयॉर्क में हुई बैठक के बाद 'मध्य पूर्व क्वार्टेट' यानी संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ, अमरीका और रूस के प्रतिनिधियों की बैठक के बाद तय किया गया कि एक ट्रस्ट बनाकर सहायता उपलब्ध करवाई जाए. इस ट्रस्ट के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय सहायता अगले तीन महीने तक फ़लस्तीनी इलाक़ों में पहुँचेगी. संयुक्त राष्ट्र के महासचिव कोफ़ी अन्नान ने इसकी घोषणा की. उन्होंने कहा, “ हम लोगों ने तय किया है कि एक अस्थाई व्यवस्था बनाई जाए जिससे फ़लस्तीनी लोगों तक सहायता पहुँचाई जा सके.” शर्तें हमास को पश्चिमी देश चरमपंथी संगठन मानते है इसीलिए उन्होंने फ़लस्तीनी प्राधिकरण को दी जाने वाली सहायता पर रोक लगा रखी है और उसका नतीजा ये है कि फ़लस्तीनी इलाक़ों में एक लाख साठ हज़ार लोगों को तनख्वाह नहीं मिल रही है. साथ ही इसराइल ने भी फ़लस्तीनी इलाक़ों से इकट्ठा होने वाला टैक्स भी रोक दिया है. पश्चिमी देश और इसराइल चाहते हैं कि हमास इसराइल को मान्यता दे और हिंसा को ग़लत ठहराए. बैठक के बाद अमरीकी विदेशमंत्री कॉन्डोलीज़ा राइस ने कहा, “ये कोई नहीं चाहता कि फ़लस्तीनी लोग परेशानियाँ उठाएँ और इसीलिए अमरीका एक करोड़ डॉलर भी सहायता के लिए दे रहा है. लेकिन ऐसी फ़लस्तीनी सरकार के साथ कोई भी समझौता नहीं करना चाहेगा जो इसराइल में आत्मघाती हमले होने से जश्न मनाए.” यूरोपीय संघ का कहना है कि फ़लस्तीनी इलाक़ों में सहायता जल्द पहुँचाने की ज़रूरत है और शायद ये काम कुछ दिनों में शुरू न हो पाए लेकिन कुछ ही हफ़्तों में ये काम ज़रूर शुरू हो जाना चाहिए. बुरा हाल अंतरराष्ट्रीय सहायता रोक देने से फ़लस्तीनी प्राधिकरण कंगाली के कगार पर है.
वहाँ काम कर रहे लोगों को पिछले दो महीनों से वेतन नहीं मिल पाया है, आम सुविधाओं की कमी हो रही है, अस्पतालों में दवाएँ नहीं मिल रही हैं. ग़ौरतलब है कि जनवरी 2006 में हुए चुनावों में हमास ने बहुमत हासिल किया था और फ़लस्तीनी प्रशासन में सरकार बनाई है. अमरीका और पश्चिमी देश उसे चरमपंथी संगठन मानते हैं और हमास की जीत के बाद उन्होंने फ़लस्तीनी प्राधिकरण को दी जानेवाली सहायता राशि रोक दी. लेकिन इसका सीधा असर पडा आम फ़लस्तीनियों पर. फ़लस्तीनी प्रशासन की ख़स्ता हालत देखते हुए कई संगठनों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की थी कि वे सहायता रोकने के अपने फ़ैसले पर पुनर्विचार करें. | इससे जुड़ी ख़बरें ओलमर्ट के अधीन नई सरकार का गठन04 मई, 2006 | पहला पन्ना फ़लस्तीनियों की स्थिति पर चेतावनी19 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना फ़लस्तीनियों के लिए मुस्लिम देशों से अपील14 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना अमरीका ने आर्थिक सहायता स्थगित की07 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना 'इसराइल को मान्यता देने से फिर इनकार'05 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना हमास के बहुमत वाली संसद ने शपथ ली18 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना फ़लस्तीनी चुनाव में हमास की बड़ी जीत26 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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