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फ़लस्तीनियों की स्थिति पर चेतावनी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र ने आगाह किया है कि हमास के नेतृत्व में नई फ़लस्तीनी सरकार बनने के बाद से जो विदेशी सहायता में कमी हुई है उससे मानवीय संकट की स्थिति पैदा हो गई है. संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि इससे ग़रीबी तेज़ी से बढ़ेगी और अगर फ़लस्तीनी प्रशासन को विदेशी सहायता बिल्कुल रोक दी गई तो उससे हालात और भी ख़राब हो सकते हैं. ग़ौरतलब है कि इसराइल ने कर और सीमाशुल्क से मिलने वाली राशि फ़लस्तीनी प्रशासन को देनी बंद कर दी है. उधर यूरोपीय संघ और अमरीका ने भी सीधी सहायता राशि रोक दी है. यूरोपीय संघ और अमरीका ने कहा है कि वे यह सहायता राशि तभी बहाल करेंगे जब हमास के नेतृत्व वाली सरकार हिंसा का रास्ता छोड़ दे और इसराइल के अस्तित्व को मान्यता दे. फ़लस्तीनी सरकार ने अरब और इस्लामी देशों से अपील की है कि इस नुक़सान की भरपाई के लिए प्रयास करें और लेकिन अभी तक उन देशों से फ़लस्तीनी प्रशासन को बहुत थोड़ी सी ही सहायता मिली है. | इससे जुड़ी ख़बरें इसराइल की हमले पर तीखी प्रतिक्रिया17 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना इसराइल में आत्मघाती हमला, नौ मरे 17 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना अमरीका ने दी हमास को चेतावनी18 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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