|
अमरीका ने दी हमास को चेतावनी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका ने तेल अवीव में हुए बम हमले के बाद हमास के नेतृत्व वाली फ़लस्तीनी सरकार को चेतावनी दी है कि वो ऐसे " आतंकवादी हमलों" का समर्थन न करे. इसराइल की राजधानी तेल अवीव में सोमवारो को एक रेस्तरां में हुए आत्मघाती हमले में नौ लोगों की मौत हो गई है और 50 से अधिक लोग घायल हैं. अमरीकी सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि यह हमला " आतंकवाद की निंदनीय कार्रवाई " है और फ़लस्तीनी प्रशासन ऐसे हमलों को रोकने के लिए ज़िम्मेदार है. इस बीच संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने भी कहा कि फ़लस्तीनी प्राधिकरण को आत्मघाती हमलों के ख़िलाफ़ कड़ा रवैया अपनाना चाहिए. चरमपंथी संगठन इस्लामिक जिहाद ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ली है. हमलों के बाद इसराइल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और गज़ा पट्टी पर हवाई हमले किए गए हैं. बुरा प्रभाव व्हाइट हाउस ने कहा है कि तेल अवीव में हुए बम विस्फोटों का हमास समेत अन्य फ़लस्तीनी आतंकवादी संगठनों द्वारा समर्थन करना सही नहीं है और इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं. प्रवक्ता स्कॉट मैकलॉन ने कहा " फ़लस्तीनी मंत्रिमंडल के सदस्यों द्वारा इन हमलों का बचाव करना या समर्थन करना फ़लस्तीनी प्राधिकरण और मध्य पूर्व में शांति स्थापित करने की कोशिशों में लगे अन्य देशों के साथ उनके संबंधों पर बुरा प्रभाव डाल सकता है." इससे पहले फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने इन हमलों की भर्त्सना की थी लेकिन हमास ने कहा था कि यह कार्रवाई बचाव में की गई है. हमास के प्रवक्ता सामी अबू ज़ूहरी कहते हैं कि ये धमाके फ़लस्तीनियों के ख़िलाफ़ जारी इसराइली अपराधों के विरोध में की गई स्वत स्फूर्त प्रक्रिया है. उनका कहना था " फ़लस्तीनी जनता अपना बचाव कर रही है और उन्हें अपने बचाव के लिए कोई भी रास्ता अपनाने का हक है." इसराइल के विदेश मंत्रालय ने इस घटना के लिए हमास को ज़िम्मेदार ठहराया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गिडियॉन मायर ने बीबीसी से कहा "इसमें हमास का सीधा हाथ भले ही न हो लेकिन विचारधारा तो वही है. " अमरीकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सीन मैक्कॉरमैक ने कहा है कि अमरीका अब हमास के नेतृत्व वाली सरकार का असली चेहरा देख रहा है. अनिश्चितता की स्थिति संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास से अपील की है कि वो आत्मघाती हमलों के संबंध में कड़ा रुख अपनाएं. उन्होंने कहा कि इसराइल फ़लस्तीनी प्रशासन के मुद्दे पर नौ मई को रुस, अमरीका, यूरोपीय संघ और संयुक्त राष्ट्र की बैठक में वो ये मुद्दा उठाएंगे. यूरोपीय संघ के विदेश मामलों के प्रमुख हाविए सोलाना ने सभी पक्षों से अपील की है कि वो धैर्य से काम लें और हिंसा न फैलाएं. रुस के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर हमलों की निंदा की है. इस बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में हिस्सा लेने गए इसराइली प्रतिनिधि डैन गिलरमैन ने कहा है कि मध्य पूर्व में अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं और पिछले दिनों इस क्षेत्र में कुछ देशों द्वारा दिए गए बयान युद्घ भड़काने वाले हैं. |
इससे जुड़ी ख़बरें इसराइल में आत्मघाती हमला, नौ मरे 17 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना ग़ज़ा पर इसराइल का तीसरा हमला09 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना इसराइली हमले में छह मारे गए08 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना अमरीका ने आर्थिक सहायता स्थगित की07 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना फ़तह और हमास के बीच सहमति18 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना इसराइल के चुनाव फ़ैसले की निंदा16 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||