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फ़तह और हमास के बीच सहमति | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ़लस्तीनी दलों फ़तह और हमास दोनों ने फ़लस्तीनी संसदीय चुनाव में हिंसा को रोकने के लिए मिलकर काम करने की बात कही है. फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास की फ़तह पार्टी और चरमपंथी संगठन हमास ने कहा है कि कोई भी मतदान केंद्रों के पास हथियार लेकर नहीं जाएगा. दोनों के बीच अपनी तरह का ये पहला समझौता है. दोनों गुटों ने कहा है कि वे संसदीय चुनाव को सफल बनाएँगे. ग़ज़ा में हुई एक पत्रकार वार्ता में फ़तह और हमास के दो मुख्य उम्मीदवारों ने कहा कि वे फ़लस्तीनी प्राधिकरण के इस फ़ैसले का समर्थन करते हैं कि चुनाव को सुरक्षित बनाया जाए. फ़तह के प्रवक्त ने कहा कि हमास और फ़तह के बीच इस समझौते से चुनाव के पारदर्शी होने की गारंटी मिलेगी. उन्होंने कहा कि हथियार न लाने का फ़ैसला सब पर लागू होगा जिसमें अंगरक्षक भी शामिल हैं. वहीं हमास के प्रवक्ता ने भी कहा कि समझौते से चुनाव सुरक्षित होगा. फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने कहा है कि वे इस बात को लेकर काफ़ी आशावान हैं कि चुनाव होंगे और लोकतांत्रिक तरीके से होंगे. बीबीसी संवाददाता के मुताबिक़ ग़ज़ा में लोग फ़तह और हमास के बीच हुई सहमति को लेकर काफ़ी राहत महसूस कर रहे हैं. संवाददाताओं का कहना है कि इस बात की आशंका है कि हमास और फ़तह के बीच राजनीतिक प्रतिदंद्धिता के चलते 25 जनवरी को मतदान में बाधा आएगी. फ़तह को इस बार हमास से कड़ी टक्कर मिल रही है और माना जा रहा है कि हमास एक तिहाई तक सीटें जीत सकता है. | इससे जुड़ी ख़बरें | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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