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ग़ज़ा पट्टी में निषिद्ध क्षेत्र का आदेश | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइल के प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन ने सेना को फ़लस्तीनी क्षेत्र ग़ज़ा पट्टी के उत्तरी इलाक़े में एक ऐसा क्षेत्र बनाने का आदेश दिया है जहाँ कोई फ़लस्तीनी नहीं जा सके. शेरॉन ने ऐसा रॉकेट हमले रोकने के प्रयासों के तहत किया है. इसराइल का कहना है कि फ़लस्तीनियों को मिसाइल दागने से रोकने के लिए कई उपाय किए जाएंगे और शेरॉन का ताज़ा आदेश उन्हीं उपायों का एक हिस्सा है. इस साल की गर्मियों में जब से इसराइल ने ग़ज़ा पट्टी से यहूदी बस्तियाँ हटाई हैं तब से फ़लस्तीनियों ने इसराइल पर कई रॉकेट हमले किए हैं. एक फ़लस्तीनी अधिकारी ने इस योजना को यह कहते हुए ख़ारिज कर दिया कि इसराइल ने अपने सुरक्षा बलों को ग़ज़ा में अपनी चौकियों से नहीं हटने को कहा है. फ़लस्तीनी रेडियो ने ख़बर दी है कि आंतरिक सुरक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता तौफ़ीक अबू कुसाह ने कहा कि फ़लस्तीनी प्रशासन "इसराइली आदेशों और गोलीबारी और बमबारी के बल पर निषिद्ध क्षेत्र बनाने के प्रयासों के सामने नहीं झुकेगा." अरियल शेरॉन अपने स्वास्थ्य लाभ से रविवार को ही काम पर वापस लौटे हैं और उन्होंने ताज़ा आदेश मंत्रिमंडल और वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों की एक बैठक में दिया. इसराइली मीडिया ने शेरॉन के हवाले से कहा है, "हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि फ़लस्तीनी चरमपंथी हमारे ख़िलाफ़ कार्रवाई नहीं कर सकें, यह मेरी नीति है और मेरे निर्देश भी." | इससे जुड़ी ख़बरें शेरॉन को अस्पताल से छुट्टी मिली20 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना नेतन्याहू लिकुद पार्टी के नेता चुने गए19 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना नेतन्याहू कट्टर दक्षिणपंथी नेता रहे हैं20 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना इसराइल सैनिकों का तलाशी अभियान06 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना इसराइल में आत्मघाती हमले में पाँच मरे05 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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