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फ़लस्तीनियों के लिए मुस्लिम देशों से अपील | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ईरान के आध्यात्मिक नेता आयतुल्ला ख़ामनई ने कहा है कि ये मुस्लिम देशों का कर्तव्य है कि वे फ़लस्तीनी लोगों की सहायता करें. हमास के नेतृत्व वाले फ़लस्तीनी प्रशासन के लिए आर्थिक सहायता जुटाने के लिए हो रहे तीन दिन के सम्मेलन में बोलते हुए ख़ामनई ने कहा कि मुस्लिम देशों को मानना चाहिए कि फ़लस्तीन की समस्या उनकी अपनी समस्या है. उल्लेखनीय है कि यूरोपीय संघ और अमरीका ने हमास के नेतृत्व वाली फ़लस्तीनी सरकार को आर्थिक सहायता यह कहते हुए बंद कर दी है कि हमास ने हिंसा त्यागने से मना कर दिया है और इसराइल को भी मान्यता नहीं दे रहा है. एक ओर ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने ईसराइल को मध्यपूर्व के दूसरे देशों के लिए ख़तरा बताया है. तो दूसरी ओर फ़लस्तीनी प्रधानमंत्री इस्माईल हानिया ने कड़े तेवर दिखाते हुए कहा है कि नई फ़लस्तीनी सरकार पश्चिमी देशों के आर्थिक और कूटनीतिक दबाव में नहीं आने वाली है. अपील ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता ख़ामनई ने सम्मेलन में अपने भाषण में पश्चिमी देशों पर खुले प्रहार किए.
उन्होंने कहा है कि पश्चिम का उदार लोकतंत्र एक ज़हर की तरह है. ख़ामनई ने कहा कि अमरीकी राष्ट्रपति के नेतृत्व वाला वैश्विक साम्राज्यवाद मुस्लिम देशों के लिए ख़तरा बन गया है. उन्होंने मुस्लिम देशों से अपील की है कि वे फ़लस्तीनी लोगों की त्रासदी के प्रति उदासीन न रहकर उनकी हर समस्या को अपनी समस्या के रुप में ही देखना होगा. ख़तरा उधर ईरान के राष्ट्रपति अहमदीनेजाद ने इसराइल को मुस्लिम देशों के लिए ख़तरा बताया है. उन्होंने इसराइल को एक सड़ा हुआ पेड़ बताते हुए कहा कि एक ही आँधी में ये पेड़ धराशाई हो जाएगा. उन्होंने कहा, "यहूदी जनसंहार पर तो शंकाएँ हैं लेकिन पिछले साठ सालों में फ़लस्तीनी नागरिकों का जो जनसंहार हुआ है उस पर कोई शक नहीं है." अहमदीनेजाद ने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध में, जैसा कि पश्चिम का आरोप है, यहूदियों के ख़िलाफ़ हुए अत्याचार की क़ीमत फ़लस्तीनी नागरिक क्यों चुकाएँ. | इससे जुड़ी ख़बरें ग़ज़ा पर इसराइल का तीसरा हमला09 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना आर्थिक मदद स्थगित करने की आलोचना08 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना अमरीका ने आर्थिक सहायता स्थगित की07 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना 'दो-राष्ट्र वाली बात ग़लती से रह गई'05 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना 'फ़लस्तीनी सरकार आर्थिक संकट में'06 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना हानिया ने फ़लस्तीनी प्रधानमंत्री पद संभाला30 मार्च, 2006 | पहला पन्ना 'अमरीका को चिंता करने की ज़रूरत नहीं'01 मई, 2005 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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