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'अहमदीनेजाद ने बुश को आड़े हाथों लिया' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने सोमवार को अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश को जो पत्र लिखा था, उसके बारे में जानकारी सामने आई है. समझा जा रहा है कि इस पत्र में राष्ट्रपति अहमदीनेजाद ने इराक़ पर अमरीकी हमले की आलोचना की है. उन्होंने राष्ट्रपति बुश से धार्मिक सिद्धांतों को अपनाने की अपील भी की है. अमरीका की विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने राष्ट्रपति अहमदीनेजाद के पत्र को यह कहते हुए ख़ारिज कर दिया है कि इसमें नया कुछ भी नहीं है. माना जा रहा है कि 1979 के बाद पहली बार किसी ईरानी राष्ट्रपति ने अमरीका के राष्ट्रपति को पत्र भेजा है. अभी तक 18 पन्नों का यह पत्र सार्वजनिक नहीं हुआ है. लेकिन इस संबंध में जो जानकारी लीक हुई है, उसके मुताबिक़ इस पत्र में अहमदीनेजाद ने इराक़ पर हमले, 11 सितंबर के हमलों पर पर्दा डालने की अमरीका की कोशिश, इसराइल के अस्तित्त्व और दुनिया में धर्म की भूमिका के बारे में लिखा है. आलोचना पत्र में सामूहिक विनाश के हथियार के आधार पर इराक़ पर हुए हमले की आलोचना की गई है और कहा गया है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर इसी तरह के भय का माहौल तैयार किया जा रहा है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार अहमदीनेजाद ने अपने पत्र में कहा है कि इराक़ के मामले में झूठ बोला गया. लीक हुई जानकारी के अनुसार उन्होंने ईरान के परमाणु कार्यक्रम का ज़िक्र करते हुए अपने पत्र में कहा है कि ऐसा क्यों हो रहा है कि मध्य पूर्व के देशों के वैज्ञानिक और तकनीकी उपलब्धियों को इसराइल के लिए ख़तरे के रूप में खड़ा किया जा रहा है. राष्ट्रपति अहमदीनेजाद ने अपने पत्र में पूछा है कि कैसे राष्ट्र के रूप में इसराइल के गठन का औचित्य साबित किया जा सकता है? उन्होंने अपने पत्र में इस पर भी सवाल उठाए हैं कि लोकतांत्रिक तरीक़े से विजय हासिल करने के बावजूद हमास के नेतृत्व वाली फ़लस्तीनी सरकार को मान्यता नहीं दी जा रही. राष्ट्रपति अहमदीनेजाद ने अपने पत्र में यह भी कहा है कि यह कैसे संभव है कि अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसियाँ 11 सितंबर के हमले को रोकने में नाकाम रहीं. उन्होंने कहा कि 11 सितंबर के हमलों के बारे में कई तथ्यों को गुप्त रखा गया. उन्होंने पूछा है कि यह क्यों नहीं बताया जा रहा है कि किसने अपनी ज़िम्मेदारी ठीक तरह नहीं निभाई. अपने पत्र के आख़िर में राष्ट्रपति अहमदीनेजाद ने राष्ट्रपति बुश से धर्म की ओर लौटने की अपील की है. उन्होंने कहा है कि दुनियाभर के ज़्यादातर लोग आजकल ख़ुदा (ईश्वर) की ओर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं. अहमदीनेजाद ने अपने पत्र में राष्ट्रपति बुश से पूछा है कि क्या वे भी इन लोगों में शामिल होना चाहते हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें ईरान की संसद ने दी धमकी07 मई, 2006 | पहला पन्ना ईरान मसले पर सुरक्षा परिषद में मतभेद06 मई, 2006 | पहला पन्ना संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव के मसौदे की आलोचना06 मई, 2006 | पहला पन्ना 'टकराव की ओर बढ़ रहे हैं पश्चिमी देश'04 मई, 2006 | पहला पन्ना सुरक्षा परिषद में ईरान पर चर्चा03 मई, 2006 | पहला पन्ना ईरान ने कहा प्रतिबंधों का ख़तरा नहीं02 मई, 2006 | पहला पन्ना 'ईरान परमाणु कार्यक्रम नहीं छोड़ेगा'29 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना दबाव के आगे नहीं झुकेंगे: ईरान29 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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