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संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव के मसौदे की आलोचना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रूस और चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के ईरान के परमाणु कार्यक्रम संबंधी प्रस्ताव के मसौदे की आलोचना की है. रूस और चीन की आपत्ति ऐसे दिन आई है जब सुरक्षा परिषद के पाँचों स्थायी सदस्य ईरान मामले पर एक अनौपचारिक बैठक में विचार कर रहे हैं. रूस ने कहा है कि मसौदे को दोबारा तैयार करने की ज़रूरत है, और इसमें ईरान और संयुक्त राष्ट्र के बीच विश्वास बढ़ाने पर ज़ोर दिया जाना चाहिए. संयुक्त राष्ट्र में रूसी राजदूत विताली चुरकिन ने कहा कि उनका देश ईरान परमाणु मामले में संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के सातवें अध्याय की व्यवस्थाओं के तहत प्रस्ताव पारित करने के प्रयासों का विरोध कर रहा है. चीन को भी मसौदे के संयुक्त राष्ट्र के उन नियमों पर आधारित होने को लेकर चिंता है जिससे कि ईरान के ख़िलाफ़ बल प्रयोग की राह खुल सकती है. अविश्वास संयुक्त राष्ट्र में ईरान के दूत जावद ज़रीफ़ ने सुरक्षा परिषद के मसौदे की निंदा करते हुए कहा कि अब भी मसले के शांतिपूर्ण समाधान की तमाम संभावनाएँ बची हुई हैं. उल्लेखनीय है कि मसौदे में ईरान से यूरेनियम संवर्द्धन कार्यक्रम रोकने या फिर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा है. ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को शांतिपूर्ण बताता रहा है जबकि पश्चिमी देशों को चिंता है कि ईरान परमाणु हथियार कार्यक्रम चला रहा है. इससे पहले अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी अपनी रिपोर्ट में कह चुकी है कि ईरान ने यूरेनियम संवर्द्धन रोकने की माँग की अनसुनी कर दी है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'टकराव की ओर बढ़ रहे हैं पश्चिमी देश'04 मई, 2006 | पहला पन्ना सुरक्षा परिषद में ईरान पर चर्चा03 मई, 2006 | पहला पन्ना दबाव के आगे नहीं झुकेंगे: ईरान29 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना 'ईरान ने परमाणु संवर्द्धन बंद नहीं किया'27 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना परमाणु कार्यक्रम पर पीछे नहीं हटेंगे: ईरान 13 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना यूरेनियम का संवर्धन किया ईरान ने11 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना महाशक्तियों की चेतावनी मगर ईरान अड़ा30 मार्च, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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