BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
गुरुवार, 04 मई, 2006 को 23:57 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
'टकराव की ओर बढ़ रहे हैं पश्चिमी देश'
ईरान का कहना है कि यूरेनियम संवर्धन का कार्यक्रम बंद नहीं होगा
संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत ने ब्रिटेन और फ्रांस पर आरोप लगाया है कि वो ईरान के यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम पर रोक लगाने के अपने प्रस्ताव के ज़रिए संकट पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं.

इस बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पाँच स्थायी सदस्य इस प्रस्ताव पर सोच-विचार कर रहे हैं.

ब्रिटेन और फ्रांस के प्रस्ताव का अध्ययन करने के बाद संयुक्त राष्ट्र में ईरान के दूत जावेद ज़रीफ़ ने कहा है कि 'यह पहले से तनावपूर्ण स्थिति' में संकट पैदा करने का प्रयास है.

प्रस्ताव के मसौदे को पढ़ने के बाद कई कूटनीतिकों का कहना है कि इसकी भाषा काफ़ी कड़ी है, इसमें कहा गया है कि ईरान अगर यूरेनियम का संवर्धन करना बंद नहीं करता है तो उसके ख़िलाफ़ और कड़े क़दम उठाए जा सकते हैं.

लेकिन इस मसौदे में ये नहीं बताया गया है कि 'और कड़े क़दम' का मतलब क्या हो सकता है.

ईरानी दूत ने कहा कि 'अमरीका और पश्चिमी देशों का टकराव का रवैया दुर्भाग्यपूर्ण है', उन्होंने कहा कि 'शांतिपूर्ण ढंग से समाधान ढूँढने के अनेक विकल्प मौजूद हैं.'

ज़रीफ़ ने कहा, "मैं मानता हूँ कि इस मसौदे में साफ़ दिखाई देता है कि इसे पेश करने वाले दोनों पक्षों को स्वीकार्य हो सकने वाली सहमति से दूर जा रहे हैं और टकराव की ओर बढ़ रहे हैं जिससे किसी को कोई फ़ायदा नहीं होगा, इससे परमाणु अप्रसार में भी मदद नहीं मिलने वाली."

ईरानी पक्ष

उन्होंने ईरान का यह रूख़ दोहराया है कि वह यूरेनियम संवर्धन जारी रखेगा क्योंकि वह बम नहीं बल्कि बिजली बनाने के लिए ऐसा कर रहा है.

इस बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पाँचों स्थायी सदस्यों के बीच इस मामले पर विचार विमर्श जारी है, अमरीका, रूस, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन के पास किसी प्रस्ताव को वीटो करने का अधिकार है.

रूस और चीन को इस प्रस्ताव पर कुछ आपत्तियाँ हैं क्योंकि इसे संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के सातवें अध्याय के तहत पेश किया गया है यानी ईरान पर प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं और उसके ख़िलाफ़ सैनिक कार्रवाई भी की जा सकती है.

संयुक्त राष्ट्र में अमरीका के दूत जॉन बोल्टन इस प्रस्ताव के मसौदे पर समर्थन जुटाने की कोशिश में लगे हुए हैं जबकि अन्य देशों के कूटनयिक भी अपने स्तर पर प्रस्ताव के पक्ष और विरोध में दबाव बनाने में लगे हुए हैं.

इससे जुड़ी ख़बरें
दबाव के आगे नहीं झुकेंगे: ईरान
29 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>