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इसराइली सीमा योजना पर अमल ज़रूरी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइल के नए प्रधानमंत्री एहूद ओलमर्ट ने कहा है कि वह इस बात से संतुष्ट हैं कि देश की स्थायी सीमाएँ चार साल के अंदर तय करने की उनकी योजना पर अमल करना ज़रूरी है. अपनी नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह से पहले संसद में भाषण करते हुए एहूद ओलमर्ट ने कहा कि भविष्य में इसराइल की सीमाएँ महत्वपूर्ण रूप से अलग होंगी. इस योजना में पश्चिमी बैंक इलाक़े से कुछ यहूदी बस्तियों को हटाना शामिल होगा और जो यहूदी बस्तियाँ अंतरराष्ट्रीय क़ानून का उल्लंघन करके बनाई गई हैं उन्हें इसराइल में मिलाया जाएगा. ओलमर्ट ने कहा कि वह इस योजना पर जितना संभव हो सके, उतना व्यापक अंतरराष्ट्रीय समर्थन बनाना चाहते हैं लेकिन जैसा भी हो इसराइल इस योजना पर अमल करेगा ही, चाहे इस पर फ़लस्तीनियों की सहमति हो या नहीं हो. उन्होंने कहा कि फ़लस्तीनी प्रशासन में अब एक ऐसी सरकार है जिसकी अगुआई एक चरमपंथी संगठन करता है और उसे बातचीत में भागीदार नहीं बनाया जाएगा. उधर फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने शांति वार्ता तुरंत फिर से शुरू किए जाने की माँग की है लेकिन हमास के नेतृत्व वाली फ़लस्तीनी सरकार ने हिंसा त्यागने या इसराइल को मान्यता देने से इनकार कर दिया है. | इससे जुड़ी ख़बरें इसराइल में सरकार गठन का रास्ता साफ़30 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना इसराइल में सरकार गठन की संभावना28 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना 'ईरान की जासूसी के लिए उपग्रह'26 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना 'इसराइल सैन्य कार्रवाई नहीं करेगा'18 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना इसराइल ने हमास को ज़िम्मेदार ठहराया18 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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