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'ईरान की जासूसी के लिए उपग्रह' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइल ने इरोस-बी नाम के एक उपग्रह का प्रक्षेपण किया है और अधिकारियों के मुताबिक इस उपग्रह के ज़रिए ईरान के परमाणु कार्यक्रम की जासूसी की जाएगी. ये उपग्रह रूस से छोड़ा गया. माना जा रहा है कि ये उपग्रह ज़मीन पर पड़ी 70 सेंटीमीटर आकार की छोटी चीज़ों की भी स्पष्ट तस्वीरें ले सकता है. एक अधिकारी के मुताबिक इसे चालू होने में अभी कुछ दिन लगेंगे. इसराइल के रक्षा मंत्री शॉल मोफ़ाज़ ने कहा है कि नाज़ी हॉलोकास्ट के बाद ईरान का परमाणु कार्यक्रम यहूदियों के लिए सबसे बड़ा खतरा है. लेकिन ईरान इस बात से इनकार करता रहा है कि वो परमाणु बम बना रहा है. ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने कई बार इसराइल विरोधी बयान दिए हैं जिसमें 'इसराइल को नष्ट करने' जैसे बयान भी शामिल हैं. उन्होंने हाल ही में कहा था कि 'इसराइल का अस्तित्व एक स्थाई खतरा' है. महमूद अहमदीनेजाद ये भी कह चुके हैं कि 'नाज़ी जनसंहार एक मिथक' था. इसराइली रक्षा मंत्री ने कहा है कि इरोस-बी उपग्रह की मदद से इसराइल को ज़्यादा ख़ुफ़िया जानकारी मिल पाएगी. इस उपग्रह के निर्माण में इमेजसैट इंटरनेशनल फ़र्म ने मदद की है. इस कंपनी के अधिकारी शिमोन ने रॉयटर्स को बताया, "सब कुछ योजना के मुताबिक हुआ." उन्होंने बताया कि इस उपग्रह की पहुँच ईरान समेत दुनिया भर में है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'अन्य देशों को भी परमाणु तकनीक देंगे'25 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना ईरान पर पाबंदी को लेकर सहमति नहीं19 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना यहूदी जनसंहार पर ईरानी सम्मेलन16 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना होलोकॉस्ट एक मिथक: अहमदीनेजाद14 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना 'इसराइल पर हमले का इरादा नहीं'29 अक्तूबर, 2005 | पहला पन्ना अहमदीनेजाद के बयान की व्यापक निंदा27 अक्तूबर, 2005 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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