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'इसराइल पर हमले का इरादा नहीं' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ईरान सरकार के एक बयान में कहा गया कि राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद के बयान के बावजूद इसराइल पर उसका हमला करने का कोई इरादा नहीं है. ग़ौरतलब है कि ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने कुछ दिन पहले कहा था कि 'इसराइल को दुनिया के नक्शे से मिटा देना चाहिए.' महमूद अहमदीनेजाद के इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया हुई थी. हालाँकि शुक्रवार को तेहरान में इसराइल और अमरीका विरोधी प्रदर्शन भी हुए थे. बीबीसी के तेहरान संवाददाता का कहना है कि ईरानी विदेश मंत्रालय के ताज़ा बयान इस विवाद को ठंडा करने की एक कोशिश के रूप में देखा जा रहा है. लेकिन ईरान ने राष्ट्रपति के बयान की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुई निंदा को ख़ारिज भी कर दिया है और संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने भी उस बयान पर निराशा ज़ाहिर की थी. ईरान सरकार के शनिवार को जारी किए गए बयान में कहा गया है कि देश संयुक्त राष्ट्र के प्रति अपने संकल्पों के लिए वचनबद्ध है लेकिन सुरक्षा परिषद ने जो आलोचना की वह अस्वीकार्य है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद के इसराइल विरोधी बयान की निंदा की थी. संयुक्त राष्ट्र के वक्तव्य में कहा गया था, " सुरक्षा परिषद ईरान के राष्ट्रपति इसराइल ने संयुक्त राष्ट्र की बैठक बुलाने की माँग की थी. लेकिन ईरान के राष्ट्रपति अहमदीनेजाद ने शुक्रवार को कहा था कि उनका बयान न्यायपूर्ण है और इसका विरोध बेमानी है. | इससे जुड़ी ख़बरें सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाएँ: इसराइल28 अक्तूबर, 2005 | पहला पन्ना इसराइल विरोधी बयान की निंदा 28 अक्तूबर, 2005 | पहला पन्ना अहमदीनेजाद के बयान से निराश अन्नान28 अक्तूबर, 2005 | पहला पन्ना इसराइल के ख़िलाफ़ ईरान में प्रदर्शन 28 अक्तूबर, 2005 | पहला पन्ना अहमदीनेजाद के बयान की व्यापक निंदा27 अक्तूबर, 2005 | पहला पन्ना कई ईरानी राजदूत तलब किए गए26 अक्तूबर, 2005 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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