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होलोकॉस्ट एक मिथक: अहमदीनेजाद | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान यूरोप में यहूदियों के जनसंहार की बात को एक मिथक मात्र बताया है. इसराइल ने ईरान के राष्ट्रपति के बयान की निंदा की है. टेलीविज़न पर बोलते हुए अहमदीनेजाद ने एक बार फिर यहूदियों का राष्ट्र को मध्य-पूर्व से दूर कहीं यूरोप या अमरीका में स्थापित किया जाना चाहिए था. अहमदीनेजाद ने कहा, "पहले एक कहानी गढ़ी गई कि यहूदियों का जनसंहार किया गया है. फिर इस मिथक को ईश्वर, धर्म और पैगंबरों से भी ऊपर स्थान दे दिया गया." उन्होंने एक बार फिर कहा कि यहूदी राष्ट्र की ज़िम्मेवारी यूरोप को लेनी चाहिए. अहमदीनेजाद ने सवाल किया कि यदि यूरोप ने यहूदियों के साथ अत्याचार किया तो क़ीमत फ़लस्तीनी क्यों चुकाएँ? निंदा अहमदीनेजाद के बयान की निंदा करते हुए इसराइली विदेश विभाग के प्रवक्ता मार्क रेगेव ने कहा, "हम उम्मीद करते हैं कि ईरानी राष्ट्रपति का अतिवादी बयान अंतरराष्ट्रीय समुदाय की आँखें खोल सकेगा." पिछले सप्ताह भी अहमदीनेजाद ने कहा था कि उन्हें इस बात पर विश्वास नहीं है कि यूरोप में 60 लाख यहूदियों को मारा गया था. ईरानी राष्ट्रपति के इस बयान की भी व्यापक अंतरराष्ट्रीय निंदा हुई थी. इससे पहले अक्तूबर में अहमदीनेजाद ने एक विवादास्पद बयान देते हुए कहा था कि इसराइल को दुनिया के नक्शे से मिटा देना चाहिए. | इससे जुड़ी ख़बरें 'इसराइल को यूरोप में जगह दे दो'08 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना तेल मंत्री बनाने के मंसूबे पर फिरा पानी23 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना ईरान ने निरीक्षण की इजाज़त दी03 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना कई ईरानी राजदूत वापस बुलाए गए02 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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