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'इसराइल को यूरोप में जगह दे दो' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ईरान के राष्ट्रपति राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने कहा है कि अगर जर्मनी और ऑस्ट्रीया ख़ुद को यहूदियों पर हुए अत्याचार के लिए दोषी मानते हैं, तो इन देशों को अपनी ज़मीन का कुछ हिस्सा इसराइल को दे देना चाहिए. उन्होंने जर्मनी और ऑस्ट्रिया के संदर्भ में कहा, "आपने इसराइल पर अत्याचार किया, आप यूरोप का कुछ हिस्सा इसराइल को दें ताकि इसराइल वहाँ अपनी सरकार बना सके" उनका कहना था, "दूसरे विश्व युद्ध में यहूदियों पर अत्याचार हुए, इसलिए यूरोप येरुशलम पर इसराइली कब्ज़े का समर्थन कर रहा है. हम इसे स्वीकार नहीं करते." अहमदीनेजाद ने सवालों की बौछार करते हुए कहा, "जो लोग फ़लस्तीन पर कब्ज़ा कर राज कर रहे हैं वो कहाँ से आएँ हैं? उनका जन्म कहाँ हुआ? उनके पूर्वज कहाँ रहते थे? उनकी जड़े फ़लस्तीन में नहीं है लेकिन आज फ़लस्तीन की किस्मत उनके ही हाथ में है." उन्होंने कहा, "क्या अपने देश के बारे में आत्मनिर्णय करने का अधिकार संयुक्त राष्ट्र के चार्टर में नहीं है? फिर फ़लस्तिनियों को क्यों इससे वंचित किया जा रहा है." आलोचना इसराइल और अमरीका ने अहमदीनेजाद के बयान की निंदा की है. इसराइली विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि ये पहली बार नहीं है जब ईरान के राष्ट्रपति ने यहूदियों और इसराइल के बारे में बयान दिया है. महमदू अहमदीनेजाद के बारे में इसराइली प्रवक्ता का कहना था, "वे सिर्फ़ इसराइल के लिए ही समस्या नहीं बने हुए बल्कि पूरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए एक समस्या हैं." वहीं व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ईरान के राष्ट्रपति का ये बयान उनके शासन के लेकर हमारी आशंकाओं को ही बल देता है. व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ने कहा कि ये बयान दर्शाता है कि क्यों ज़रूरी है कि ईरान के पास परमाणु हथियार बनाने की क्षमता न हो. फ़्रांस के राष्ट्रपति शिराक और जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल ने भी महमूद अहमदीनेजाद के बयान की निंदा की है. इससे पहले भी ईरान के राष्ट्रपति के इस बयान की कड़ी आलोचना हुई थी जिसमें उन्होंने कहा था कि इसराइल को दुनिया के नक्शे से मिटा देना चाहिए. महमूद अहमदीनेजाद ने ये बयान ऐसे समय दिया है जब ईरान परमाणु कार्यक्रम को लेकर विवाद में फसा हुआ है. | इससे जुड़ी ख़बरें सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाएँ: इसराइल28 अक्तूबर, 2005 | पहला पन्ना इसराइल विरोधी बयान की निंदा 28 अक्तूबर, 2005 | पहला पन्ना अहमदीनेजाद के बयान से निराश अन्नान28 अक्तूबर, 2005 | पहला पन्ना इसराइल के ख़िलाफ़ ईरान में प्रदर्शन 28 अक्तूबर, 2005 | पहला पन्ना अहमदीनेजाद के बयान की व्यापक निंदा27 अक्तूबर, 2005 | पहला पन्ना कई ईरानी राजदूत तलब किए गए26 अक्तूबर, 2005 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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