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इसराइल ने हमास को ज़िम्मेदार ठहराया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइल ने आधिकारिक रूप से तेल अवीव में हुए आत्मघाती हमले के लिए हमास को ज़िम्मेदार ठहराया है. सोमवार को हुए इस हमले में नौ लोग मारे गए थे. हमास के फ़लस्तीनी सत्ता संभालने के बाद इसराइल पर यह पहला बड़ा हमला था. इसराइली मंत्रिमंडल की एक विशेष बैठक में इसराइली सरकार ने यरुशलम में रह रहे हमास के लोगों से वहाँ रहने का अधिकार वापस लेने का निर्णय लिया. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि बैठक में फ़िलहाल फ़लस्तीनी सरकार के ख़िलाफ़ सीधी सैन्य कार्रवाई का फ़ैसला नहीं किया गया है. हालांकि तेल अवीव पर हमले की ज़िम्मेदारी चरमपंथी गुट इस्लामिक जिहाद ने ली है. लेकिन फ़लस्तीनी अधिकारियों का कहना है कि इसकी ज़िम्मेदारी से हमास नहीं बच सकता है क्योंकि उन्होंने इसकी आलोचना नहीं की है. हमास ने सोमवार को हुए बम हमले को आत्मसुरक्षा के लिए किया गया हमला बताया था. इधर ख़बरें हैं कि इसराइल, पश्चिमी तट और ग़ज़ा से लगी सीमाओं पर अतिरिक्त चौकसी बरतेगा. इसराइली सेनाओं ने पश्चिमी किनारे पर कई जगह छापे मारे और 20 से ज़्यादा फ़लस्तीनियों को गिरफ़्तार किया है. अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने इस हमले की निंदा तो की लेकिन ही संयम बरतने को भी कहा. उनका कहना था कि सभी पक्षों को अपनी कार्रवाई के नतीजों का एहसास होना चाहिए. दूसरी ओर जॉर्डन ने फ़लस्तीनी विदेश मंत्री महमूद अज़हर की यात्रा रद्द कर दी है. उसका कहना है कि हमास के कार्यकर्ता मिसाइल और अन्य हथियार तस्करी कर जॉर्डन ला रहे हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें अमरीका ने दी हमास को चेतावनी18 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना 'इसराइल सैन्य कार्रवाई नहीं करेगा'18 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना इसराइल की हमले पर तीखी प्रतिक्रिया17 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना इसराइल में आत्मघाती हमला, नौ मरे 17 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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