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सोमवार, 30 जनवरी, 2006 को 11:10 GMT तक के समाचार
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आर्थिक मदद बंद न करें: हमास
इसमाइल हनियाह
इसमाइल हनियाह ने हमास को मदद बंद न करने की अपील की है
फ़लस्तीनी चुनाव में जीते हमास संगठन के नेता इसमाइल हनियाह ने यूरोपीय संघ से अपील की है कि वो फ़लस्तीनियों को दी जाने वाली आर्थिक मदद बंद न करे.

हमास नेता ने ये अपील लंदन में सोमवार को होने वाली यूरोपीय संघ, रुस,अमरीका और संयुक्त राष्ट्र की अहम बैठक से पहले की है.

इसमाइल हनियाह ने कहा कि हमास और अंतरराष्ट्रीय दानदाताओं के बीच बिना शर्त बातचीत होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि आर्थिक मदद में मिलने वाली धनराशि का इस्तेमाल इसराइल पर हमले करने के लिए नहीं किया जाएगा.

हनियाह ने कहा, हम अपील करते हैं कि आर्थिक और नैतिक मदद जारी रखें और धनराशि फ़लस्तीनी खज़ाने को दें ताकि उसका इस्तेमाल लोगों की ज़रूरतों के हिसाब से हो सके.

हमास को आतंकवादी गुट माननेवाले अमरीका और यूरोपीय संघ ने आर्थिक सहायता रोकने की चेतावनी दी है.

इसराइल ने भी फ़लस्तीनी प्रशासन पर नए सिरे से आर्थिक दबाव बनाना शुरू किया है. उल्लेखनीय है कि फ़लस्तीनी प्रशासन हमेशा से ही अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहायता पर बहुत अधिक आश्रित रहा है.

बीबीसी के एक संवाददाता का कहना है कि आर्थिक सहायता के बिना फ़लस्तीनी प्रशासन बिखर जाएगा और इससे गज़ा और पश्चिमी तट में अस्थिरता पैदा होगी जिससे किसी को भी फ़ायदा नहीं होगा.

'संघर्षविराम'

हमास के एक अन्य नेता महमूद ज़हार ने कहा है कि हमास 'संघर्षविराम'
पर सहमत हो सकता है अगर इसराइल 1967 में अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सीमा के आधार पर फ़लस्तीन को राष्ट्र के तौर पर मान्यता देने के लिए तैयार हो जाए.

सीएनएन से बात करते हुए ज़हार ने फ़लस्तीनी क़ैदियों को छोड़े जाने की माँग की.

इसराइल ने 1967 में हुए अरब-इसराइली युद्ध में पश्चिमी तट और पूर्वी यरुशलम पर कब्ज़ा कर लिया था. उसके बाद से इन क्षेत्रों में करीब चार लाख यहूदी लोग बस चुके हैं.

हमास इसराइल को तबाह करने की बात करता आया है लेकिन हमास के चुनावी घोषणा पत्र में इसका कोई ज़िक्र नहीं है.

हमास अब तक इसराइल से बात करने से मना करता रहा है लेकिन 2005 के बाद से हमास चरमपंथियों ने ग़ैर आधिकारिक तौर पर संघर्षविराम कायम रखा है.

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