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शनिवार, 28 जनवरी, 2006 को 14:33 GMT तक के समाचार
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फ़तह के नेताओं के ख़िलाफ़ प्रदर्शन
आग
हमास को फ़लस्तीनी चुनाव में जीत मिली है
फ़लस्तीनी संगठन फ़तह के हथियारों से लैस सदस्यों ने रामल्ला और ग़ज़ा में पार्टी नेताओं के ख़िलाफ़ ज़ोरदार प्रदर्शन किए हैं.

प्रदर्शनकारियों में सुरक्षा बलों के कुछ सदस्य भी शामिल हैं.

उधर इसराइल के एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी एमस गिलाड ने कहा है कि इसराइल हमास से जुड़े नए फ़लस्तीनी सांसदों को गज़ा और पश्चिमी तट के बीच आने जाने की खुली छूट नहीं देगा.

ज़ोरदार प्रदर्शन

रामल्ला में हज़ारों लोगों ने फ़तह के नेताओं के ख़िलाफ़ प्रदर्शन में भाग लिया और हवा में गोलियाँ चलाईं.

इसके बाद कई लोग संसद की इमारत में दाख़िल हो गए और उसकी छत पर चा पहुँचे.

फ़तह की सशस्त्र शाखा अल-अक़्सा मार्टेयर्स ब्रिगेड के एक प्रवक्ता ने कहा कि फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास तो अपने पद पर बने रह सकते हैं लेकिन अन्य फ़तह नेताओं को जाना होगा.

ग़ज़ा पट्टी में लगभग चालीस प्रदर्शनकारियों ने आधे घंटे तक संसद परिसर पर कब्ज़ा कर लिया.

प्रदर्शनकारी
रामल्ला और गज़ा में फ़तह के सदस्यों ने बड़े प्रदर्शन किए

पश्चिमी तट में बेथलेहेम में भी प्रदर्शन हुए हैं.

'खुली आवाजाही नहीं'

एमस गिलाड ने इसराइली रेडियो को बताया कि ऐसा संगठन जो इसराइल की बर्बादी की बात करता हो, उसे आने जाने की छूट देने का कोई कारण नहीं है.

एमस गिलाड इसराइल के रक्षा मंत्री शौल मोफ़ाज़ के सलाहकार हैं.

उधर फ़लस्तीनी चुनाव में हमास की जीत के दो दिन बाद ग़ज़ा में विरोधी गुटों के बीच भी झड़पें हुई हैं.

हमास ने चुनाव में 132 में से 72 सीटें जीती हैं और उसे चार निर्दलीयों का भी समर्थन प्राप्त है.

इससे सबसे ज़्यादा प्रभावित ख़ान यूनस कस्बे में हुई जहाँ हमास और फ़तह के समर्थकों के बीच गोलीबारी हुई.

चुनाव नतीजे आने के बाद हमास और फ़तह के कार्यकर्ताओं के बीच पहली बार झड़पे हुई हैं.

फ़लस्तीनी अधिकारियों ने कहा है कि शुक्रवार रात को ग़ज़ा में हुई झड़पों में कई लोग घायल हुए हैं.

फ़तह पार्टी के हज़ारों समर्थकों ने अपनी ही पार्टी के नेताओं के विरोध में भी नारे लगाए और रात को सड़कों पर निकल आए. इन लोगों ने सरकारी गाड़ियों को आग लगा दी और हवा में गोली चलाई.

फ़तह पार्टी के कई सदस्यों ने अपने नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और कुछ ने तो फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास के इस्तीफ़े की माँग भी की.

सदस्यों का कहना था कि फ़तह को हमास की अगुआई वाली सरकार में शामिल नहीं होना चाहिए.

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