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क्या कहना है अरब मीडिया का? | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ़लस्तीनी संसदीय चुनावों में हमास की जीत को अरब मीडिया एक 'राजनीतिक भूकंप' के तौर पर देख रहा है. आमतौर पर अख़बारों ने इस जीत को क्षेत्र में एक 'भारी राजनीतिक विस्फोट' की संज्ञा दी है. लंदन से निकलने वाले अरबी अख़बार अल हयात में एक विश्लेषका का कहना है, 'इस तरह के तख़्ता पलट की घटना अनपेक्षित थी'. अख़बार लिखता है कि लोगों का तो यह मानना है कि हमास भी इससे हतप्रभ रह गया. ज़्यादातर अरबी अख़बारों ने चुनाव की शांत और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को अपने आप में फ़लस्तीनी लोगों की विजय माना है. लेकिन अधिकतर विश्लेषक इस बात पर सहमत हैं कि हमास की जीत एक नई चुनौती खड़ी करती है. लंदन स्थित अख़बार अल-क़ुद्स अल-अरबी के संपादक अब्देल बारी अतवान ने सावधान किया है कि अगर हमास का नेतृत्व 'ठीक से, तर्कसंगत तरीक़े से और ज़िम्मेदारी से' काम नहीं करता तो यह जीत हार में भी बदल सकती है. वह लिखते हैं कि नई सरकार बनाने के लिए हमास को अपने तौर-तरीक़े बदलने होंगे, इसराइल से बातचीत करनी होगी और अमरीकी और इसराइली शर्तों का विरोध छोड़ना होगा. लेकिन इस बात को लेकर चिंताएँ ज़ाहिर की गई हैं कि हमास शायद ऐसा करने पर राज़ी न हो. क़तर से निकलने वाले समाचारपत्र अल वतन लिखता है कि यह एक बहुत ख़राब स्थिति होगी अगर हमास ऐसे विचार सामने रखता है जो फ़लस्तीनियों को अलग-थलग करदें और उनके उद्देश्यों को दुनिया भर से मिल रहे समर्थन में कमी ला दें. लेबनान के अख़बार अल-सफ़ीर ने चेतावनी दी है कि हमास की जीत हो सकता है अरब-इसराइली विवाद को इस्लामी-इसराइली विवाद का रूप देदे. अमरीका की नकारात्मक प्रतिक्रिया की कुछ अख़बारों ने 'दोहरा मापदंड' कह कर उसकी आलोचना की है. जोर्डन के समाचारपत्र अल-रे का कहना है कि इसराइल की ओर झुकाव वाली अमरीकी नीति ने तो अब तक शांति प्रक्रिया में कोई मदद दी है और न ही भविष्य में दे पाएगी. कुछ अख़बारों की यह राय भी है कि अरब जगत में लोकतंत्र फैलाने की अमरीका की नीति पर हमास की जीत के बाद पुनर्विचार भी हो सकता है. | इससे जुड़ी ख़बरें फ़लस्तीनी चुनाव में 'फ़तह को बढ़त'25 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना क़ुरई ने इस्तीफ़े की घोषणा की26 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना फ़लस्तीनी चुनाव में हमास की बड़ी जीत26 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना हमास को सरकार बनाने का निमंत्रण27 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना सरकार गठन की प्रक्रिया शीघ्र शुरू होगी27 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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