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फ़तह का प्रदर्शन, हमास को निमंत्रण | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ़लस्तीनी चुनाव में प्रतिद्वंद्वी गुट हमास को जीत मिलने के बाद सत्ताधारी दल फ़तह संगठन के समर्थकों ने गज़ा पट्टी में विरोध प्रदर्शन किए हैं. बुधवार को हुए चुनाव में बुरी तरह से हारने से निराश फ़तह के समर्थकों ने गज़ा में कई कारों को आग लगा दी और हवा में गोलियाँ दागीं. गज़ा में प्रदर्शनकारियों के एक गुट ने फ़लस्तीनी नेतृत्व में भ्रष्टाचार की निंदा की. उन्होंने ये भी कहा कि फ़तह को हमास के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल नहीं होना चाहिए. फ़तह के एक नेता महमूद दहलान ने प्रदर्शनकारियों को ये कहते हुए तोड़-फोड़ बंद करने की अपील की है कि इससे उनके नेता यासिर अराफ़ात की आत्मा को चोट पहुँचेगी. हमास को निमंत्रण
फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास ने कहा है कि चरमपंथी संगठन हमास को सरकार बनाने के लिए निमंत्रित किया जाएगा. हमास ने 25 जनवरी को हुए फ़लस्तीनी चुनाव में महमूद अब्बास की सत्ताधारी फ़तह पार्टी को पीछे छोड़ विजय प्राप्त की थी. हमास ने 132 में से 76 सीटें जीती हैं जिसके बाद फ़लस्तीनी क्षेत्रों में शासन देखनेवाले फ़लस्तीनी प्राधिकरण पर हमास का नियंत्रण हो जाएगा. इस बीच इसराइल ने नए फ़लस्तीनी प्राधिकरण के साथ संपर्क रखने की संभावना से इनकार नहीं किया है. लेकिन साथ ही कहा है कि हमास के साथ तब तक शांति वार्ता नहीं होगी जब तक हमास हिंसा और इसराइल को ख़त्म करने के अपने इरादे को नहीं छोड़ देता. लेकिन हमास ने स्पष्ट कर दिया है कि वो दोनों में से किसी भी बात को मानने के लिए तैयार नहीं है. सरकार बनाने की तैयारी
फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास ने हमास को सरकार बनाने के लिए निमंत्रित करने का बयान ऐसे समय में दिया है जब हमास के एक वरिष्ठ नेता ने 'एक राजनीतिक साझेदारी' पर विचार की बात की है. चुनावी नतीजों की घोषणा के बाद हमास के नेता इस्माईल हानिया ने गज़ा में एक मस्जिद के बाहर भारी भीड़ के सामने पहली बार कोई भाषण दिया. इस्माईल हानिया ने काह,"जब हम एकता और साझेदारी की बात कर रहे हैं तो वो इसलिए नहीं कि हम भयभीत हैं या चुनौतियों से घबराते हैं, वो इसलिए है क्योंकि हम एकता में विश्वास रखते हैं". इस्माईल हानिया ने कहा कि महमूद अब्बास इस साझेदारी के बारे में विचार के लिए तैयार हो गए हैं और वे अगले दो दिनों में महमूद अब्बास से मिलकर भावी प्रशासन के बारे में चर्चा करेंगे. संवाददाताओं का कहना है कि हमास नेतृत्व के साथ महमूद अब्बास की मुलाक़ात गज़ा में ही हो सकती है क्योंकि इस बात की संभावना बहुत कम है कि इसराइल हमास के नेताओं को इसराइल के रास्ते पश्चिमी तट जाने की अनुमति देगा. वैसे दोनों पक्षों के नेताओं के बीच ये बातचीत ऐसे समय होगी जब गज़ा पट्टी में हमास और फ़तह के समर्थकों के बीच गोलीबारी हुई है. बताया जा रहा है कि दक्षिणी गज़ा में ख़ान यूनुस शहर में हुई हिंसा में कम-से-कम दो लोग घायल हुए हैं. इसराइल और हमास इसराइल ने स्पष्ट कर दिया है कि वह मध्य पूर्व शांति वार्ता के बारे में हमास के नेतृत्व वाली सरकार से कोई बात नहीं करेगा. इसराइल सरकार के प्रवक्ता अवि पैज़नर ने कहा,"हमास एक आतंकवादी संगठन है जिसने इसराइल को मिटाने की कसम खाई है. इसलिए इसराइल ना तो हमास सरकार के साथ और ना ही किसी ऐसी सरकार के साथ जिसमें हमास शामिल हो, कोई बातचीत करेगा या संपर्क रखेगा". लेकिन इसराइल सरकार के एक प्रवक्ता ने हमास के साथ संपर्क रखने से इनकार नहीं किया. प्रवक्ता ने कहा कि संपर्क रखने के बारे में दिन-प्रतिदिन की घटनाओं के आधार पर विचार होगा. मध्य पूर्व स्थित बीबीसी संवाददाता का कहना है कि हमास के रीख़ को देखते हुए लगता नहीं कि आने वाले समय में शांति वार्ता हो सकेगी. संवाददाता के मुताबिक़ इसराइल निवर्तमान सरकार के साथ भी बातचीत नहीं कर रहा था इसलिए इसराइल-फ़लस्तीनी रिश्तों पर तत्काल कोई असर नहीं पड़ेगा. प्रतिक्रियाएँ बीबीसी संवाददाता रिचर्ड मायरन के मुताबिक़ इसराइल को फ़लस्तीनी चुनाव में इस तरह के नतीजे आने की उम्मीद नहीं थी. इसराइल के विदेश मंत्री ने यूरोपीय संघ से कहा है कि वे ‘चरमपंथी सरकार’ के गठन का विरोध करे. यूरोपीय संघ फ़लस्तीनी प्राधिकरण को सबसे ज़्यादा आर्थिक मदद देता है. मध्य पूर्व शांति प्रक्रिया में शामिल चारों पक्ष- संयुक्त राष्ट्र, अमरीका, यूरोपीय संघ और रूस- ने हमास से हिंसा का त्याग करने की अपील की है. इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए चारों देश सोमवार को लंदन में मिलेंगे. उधर हमास नेता महमूद ज़हार का कहना है, “इसराइल हमारे लोगों को मार रहा है, लोगों को हिरासत में रखा जाना जारी है, हम अपने बचाव में क़दम उठाते हैं जिसमें बंदूक उठाना भी शामिल है.” |
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