|
फ़लस्तीनी चुनाव में 'फ़तह को बढ़त' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मतदान बाद की रायशुमारी के अनुसार फ़लस्तीनी संसदीय चुनाव में सत्तारूढ़ फ़तह पार्टी को हल्की बढ़त मिलने की संभावना है. पहले आधिकारिक एग्जिट पोल के अनुसार फ़तह को जहाँ 46 प्रतिशत मत मिले हैं, वहीं प्रतिद्वंद्वी चरमपंथी संगठन हमास को 39.5 प्रतिशत मत मिले हैं. अधिकारियों के अनुसार चुनाव परिणाम आने में अभी कई दिन लग सकते हैं. रामल्ला से बीबीसी संवाददाता जेम्स रेनॉल्ड्स के अनुसार अंतिम चुनाव परिणाम जो भी हो, इतना तो स्पष्ट है कि फ़लस्तीनी राजनीति में फ़तह का एकछत्र आधिपत्य नहीं रह गया है. फ़तह के घटे क़द के पीछे मुख्य कारण माना जा रहा है हमास का अपनी लोकप्रियता को चुनावी राजनीति में भुनाने में सफल रहना. इस बीच फ़तह और हमास दोनों ने कहा है कि स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने की स्थिति में वो गठबंधन सरकार बनाने पर विचार करेंगे.
लेकिन इसराइल ने ऐसे किसी गठजोड़ की संभावना का विरोध करने का फ़ैसला किया है. समाचार एजेंसियों के अनुसार इसराइल के कार्यवाहक प्रधानमंत्री एहुल ओल्मर्त ने कहा है कि हमास को उसके मौजूदा स्वरूप में फ़लस्तीनी प्रशासन का हिस्सा बनने नहीं दिया जाएगा. उल्लेखनीय है कि हमास ने हमेशा कहा है कि वो इसराइल को मान्यता नहीं देता. हमास ने इसराइल के ख़िलाफ़ अनेक हिंसक कार्रवाइयों को भी अंजाम दिया है. | इससे जुड़ी ख़बरें फ़लस्तीनी संसदीय चुनावपहला पन्ना फ़लस्तीनी चुनाव में भारी मतदान25 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना पहले मतदान की इजाज़त21 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना फ़तह और हमास के बीच सहमति18 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना इसराइल के चुनाव फ़ैसले की निंदा16 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||