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पहले मतदान की इजाज़त | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ़लस्तीनी सुरक्षा बलों ने 25 जनवरी को होने वाले फ़लस्तीनी संसदीय चुनाव से पहले वोट डालना शुरू कर दिया है. शनिवर को कई सुरक्षा बलों ने वोट डाला. सुरक्षा बलों को समय से पहले वोट डालने की इजाज़त दी गई है ताकि जब बुधवार को चुनाव हो तो वे काम पर आ सकें. शनिवार से लेकर सोमवार तक करीब 60,000 फ़लस्तीनी सुरक्षा बल मतदान कर सकते हैं. शनिवार को ग़ज़ा के 17 मतदान केंद्रों पर कई सुरक्षाकर्मी वोट डालने के लिए आए. ग़ज़ा के पुलिस अधिकारी हीशाम सक़ाला ने रॉयटर्स को बताया, " ये हम लोगों के लिए बहुत अहम दिन है, इस बार सभी पार्टियाँ चुनाव में हिस्सा ले रही हैं." शनिवार से लेकर सोमवार तक जो मत डाले जाएँगे उन्हें ताला लगाकर रखा जाएगा और बुधवार को मतदान के बाद ही गिनती की जाएगी. सर्वक्षणों के मुताबिक़ चरमपंथी संगठन हमास, सत्ताधारी फ़तह पार्टी से ज़्यादा पीछे नहीं है. यरुशलम इसराइली सरकार ने पूर्वी यरुशलम में हमास के चुनाव अभियान चलाने और वहाँ बाँटे जाने वाले मतपत्रों में हमास का नाम शामिल करने पर रोक लगा दी है. 1967 के बाद से ही पूर्वी यरुशलम पर इसराइल का कब्ज़ा है. इस इलाके को अकसर अरबी पूर्वी यरुशलम कहा जाता है क्योंकि यहाँ के ज़्यादातर निवासी फ़लस्तीनी है. फ़लस्तीनी लोग पूर्वी यरुशलम को अपनी राजधानी बनना चाहते हैं. इसराइल ने यरुशलम में रहने वाले 5.5 फ़ीसदी फ़लस्तीनियों को ही पोस्टल बैलट के ज़रिए पूर्वी यरुशलम में वोट डालने की अनुमति दी गई है और बाकी एक लाख फ़लस्तीनी नागरिकों को शहर की सीमा से बाहर जाकर वोट डालना होगा. चुनाव अधिकारी पूर्वी यरुशलम में जाकर लोगों को पहले आओ पहले पाओ के आधार पर टिकट बांटेंगे. जिन लोगों को टिकट मिलेगा उन्हें फिर पोस्ट ऑफ़िस भेजा जाएगा और बैलट पेपर यानि मतदान पत्र दिया जाएगा. इन मतदान पत्रों को बाद में फ़लस्तीनी चुनाव अधिकारियों के पास भेज दिया जाएगा. यरुशलम में कोई मतदान केंद्र नहीं होगा. चुनाव की निगरानी के लिए यूरोपीय संघ, मानवाधिकार संगठनों और राजनीतिक दलों के कई पर्यवेक्षक आए हुए हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें फ़तह और हमास के बीच सहमति18 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना पूर्वी यरूशलम में शर्तों के साथ अनुमति15 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना येरूशलम में सशर्त प्रचार की इजाज़त09 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना इसराइल ने चुनाव प्रचार रोका03 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना ग़ज़ा पट्टी में निषिद्ध क्षेत्र का आदेश26 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना शेरॉन की स्थिति 'अस्पष्ट'09 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना नेतन्याहू कट्टर दक्षिणपंथी नेता रहे हैं20 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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