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'हमास के सांसदों को आवाजाही की छूट नहीं' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइल के एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी एमस गिलाड ने कहा है कि इसराइल हमास से जुड़े नए फ़लस्तीनी सांसदों को गज़ा और पश्चिमी तट के बीच आने जाने की खुली छूट नहीं देगा. एमस गिलाड ने इसराइल रेडियो को बताया कि ऐसा संगठन जो इसराइल की बर्बादी की बात करता हो उसे आने जाने की छूट देने का कोई कारण नहीं है. एमस गिलाड इसराइल के रक्षा मंत्री के सलाहकार हैं. झड़पें उधर फ़लस्तीनी चुनाव में हमास की जीत के दो दिन बाद ग़ज़ा में विरोधी गुटों के बीच झड़पें हुई हैं. सबसे ज़्यादा गड़बड़ खान युनिस कस्बे में हुई जहाँ हमास और फ़तह के समर्थकों के बीच गोलीबारी हुई. चुनाव नतीजे आने के बाद हमास और फ़तह के कार्यकर्ताओं के बीच पहली बार झड़पे हुई हैं. फ़लस्तीनी अधिकारियों ने कहा है कि शुक्रवार रात को ग़ज़ा में हुई झड़पों में कई लोग घायल हुए हैं. फ़तह पार्टी के हज़ारों समर्थकों ने अपनी ही पार्टी के नेताओं के विरोध में भी नारे लगाए और रात को सड़कों पर निकल आए. इन लोगों ने सरकारी गाडियों को आग लगा दी और हवा में गोली चलाई. फ़तह पार्टी के सदस्यों ने अपने नेताओं पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास के इस्तीफ़े की माँग की. सदस्यों का कहना था कि फ़तह को हमास की अगुआई वाली सरकार में शामिल नहीं होना चाहिए. महमूद अब्बास के इस्तीफ़े की माँग करने वाले गुटों में अल-अक़्सा शहीद ब्रिगेड भी शामिल था. बुधवार को हुए फ़लस्तीनी संसदीय चुनाव में फ़तह पार्टी को हार का मुँह देखना पड़ा है. 'राजनीतिक साझेदारी'
इस बीच हमास के नेता इसमाइल हनियाह ने कहा है कि महमूद अब्बास जल्द ही ‘राजनीतिक साझेदारी’ पर बात करने के लिए मिलने पर सहमत हो गए हैं. इसमाइल हनियाह ने चुनाव नतीजे आने के बाद दिए गए अपने पहले बड़े भाषण में कहा, “ अगर हम एकता और साझेदारी की बात कर रहे हैं तो इसलिए नहीं कि हम डरते हैं या आने वाली चुनौतियों का सामना नहीं कर सकते पर इसलिए कि हम एकता में विश्वास रखते हैं.” हमास ने चुनाव में 132 में से 72 सीटें जीती हैं और उसे चार निर्दलीयों का भी समर्थन प्राप्त है. बीबीसी संवाददाता के मुताबिक़ हमास को मिली बड़ी जीत से वो ख़ुद भी हैरान है और हमास के नेता इस बात का जायज़ा ले रहे हैं कि आने वाले दिनों में हालात क्या हो सकते हैं. हमास पर हिंसा छोड़ने के लिए अंतरराष्ट्रीय दबाव लगातार बढ़ रहा है. अमरीका के राष्ट्रपति ने शुक्रवार देर रात कहा है कि अगर हमास हिंसा नहीं छोड़ता तो उनका देश फ़लस्तीनियों को दी जाने वाली आर्थिक मदद बंद कर देगा. इसराइल ने हमास से बात करने से मना कर दिया है. | इससे जुड़ी ख़बरें जीत के बाद हमास का रुख़ बदलेगा?27 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना फ़तह का प्रदर्शन, हमास को निमंत्रण27 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना सरकार गठन की प्रक्रिया शीघ्र शुरू होगी27 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना क्या कहना है अरब मीडिया का?27 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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