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फ़तह समर्थकों का दूसरे दिन भी प्रदर्शन | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ़लस्तीनी चुनाव में हमास की जीत के बाद वहाँ फ़तह पार्टी के समर्थकों ने लगातार दूसरे दिन अपने नेताओं के ख़िलाफ़ व्यापक प्रदर्शन किए हैं. फ़तह समर्थकों ने पश्चिमी तट के शहर रामल्ला में एक बड़ी रैली निकाली और हवा में गोलियाँ चलाईं. प्रदर्शनकारियों में आम लोगों के अलावा सुरक्षा बलों के भी कई सदस्य शामिल थे. कई प्रदर्शनकारी फ़लस्तीनी संसद में भी घुस गए और उसकी छत पर चले गए. फ़तह के एक प्रमुख घटक अल अक़्सा मार्टर्स ब्रिगेड के एक नेता ने कहा है कि फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास के अलावा बाक़ी नेताओं को अपनी कुर्सी छोड़नी होगी. गज़ा पट्टी में भी प्रदर्शन हुए हैं और वहाँ लगभग 40 प्रदर्शनकारियों ने कुछ देर तक संसद भवन पर कब्ज़ा किए रखा. कई फ़लस्तीनी शहरों में फ़तह के कार्यकर्ताओं और हमास समर्थकों के बीच झड़पें भी हुई हैं जिसमें कई लोग घायल हो गए. रामल्ला में मौजूद एक बीबीसी संवाददाता का कहना है कि फ़तह से जुड़े कार्यकर्ता और समर्थक नाराज़, हारे हुए और कमज़ोर महसूस कर रहे है. चुनाव में पार्टी की हार के लिए वे पार्टी के पुराने नेताओं के बीच भ्रष्टाचार को कारण बता रहे हैं. वहीं गज़ा में सुरक्षाकर्मियों ने माँग की है कि वहाँ उनके सहयोगी पुलिसकर्मियों की मौत के लिए ज़िम्मेदार हमास के नेताओं को क़ानून के कटघरे में खड़ा किया जाए. फ़लस्तीनी सेना
इस बीच फ़लस्तीनी चरमपंथी संगठन हमास के राजनीतिक नेता ने कहा है कि वो चुनाव में मिली आशातीत सफलता के बाद एक नई फ़लस्तीनी सेना बना सकते हैं. सीरिया में निर्वासन में रहनेवाले हमास के नेता खालिद मेशाल ने कहा कि हमास सभी फ़लस्तीनी धड़ों को एकजुट कर किसी भी दूसरे राष्ट्र की तरह एक सेना बनाने के लिए तैयार है. उन्होंने कहा कि इस सेना में हमास की सैनिक शाखा को शामिल किया जाएगा. उनका ये बयान ऐसे समय आया है जब अंतरराष्ट्रीय शक्तियों ने हमास से माँग की है कि वह हिंसा त्याग दे. लेकिन हमास नेता ने सीरिया की राजधानी दमिश्क में कहा कि हमास की हथियार त्यागने की कोई योजना नहीं है. ख़ालिद मेशाल ने कहा,"जबतक हमारी ज़मीन पर क़ब्ज़ा रहेगा, विरोध करना हमारा अधिकार रहेगा". लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि हमास इसराइल के साथ हुए वर्तमान समझौतों को तब तक मानता रहेगा जब तक कि वह उनके लोगों के हित में होंगे. उधर इसराइल ने कहा है कि हमास का कोई भी वैसा नेता उनके निशाने से नहीं बचेगा जो हमले करना जारी रखेगा और इसराइल के अस्तित्व को मानने से इनकार करता हो. वहीं फ़लस्तीनी गुट फ़तह के नेताओं ने भी हमास को चेतावनी दी है कि वे फ़लस्तीनी सुरक्षाबलों के मामले में दखलंदाज़ी ना करें. फ़लस्तीनी सुरक्षाबलों में अधिकतर लोग फ़तह से जुड़े हुए हैं. |
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