|
हमास ने हिंसा त्यागने की माँग ठुकराई | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ़लस्तीनी चरमपंथी संगठन हमास के वरिष्ठ नेता इस्माइल हानिया ने उस माँग को सिरे से ख़ारिज कर दिया है कि हमास हिंसा त्याग दे. अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने चेतावनी दी है कि हमास की जीत के बाद फ़लस्तीनी प्राधिकरण को दी जाने वाली 22.5 करोड़ डॉलर की मदद में कटौती हो सकती है. इस्माइल हानिया का कहना था कि हमास पर मदद देने वाली विदेशी सरकारों की धमकियों का कोई असर नहीं होगा. उधर हमास के नेता ख़ालेद मिशल ने कहा है कि उनके संगठन का उद्देश्य सुधार लाना, फ़लस्तीनी राजनीतिक व्यवस्था में बदलाव लाना और इसराइल के ख़िलाफ़ संघर्ष जारी रखना है. महत्वपूर्ण है कि सीरिया की राजधानी दमिश्क में रह रहे, हमास नेता ख़ालेद मिशल की इसराइल को तलाश है. उनका कहना था कि हमास यूरोप और अमरीका के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार है. 'फ़लस्तीनियों को सज़ा न दें' हमासे के नेता ख़ालेद मिशल का कहना था कि अल्लाह ने इसराइल के ख़िलाफ़ संघर्ष में आज तक उनकी मदद की है और अल्लाह ने चाहा तो यह आगे भी जारी रहेगा और राजनीतिक व्यवस्था में परिवर्तन संभव होंगे. ख़ालेद मिशल ने अपील की है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को हमास की जीत के लिए फ़लस्तीनियों को सज़ा नहीं देनी चाहिए और फ़लस्तीनी मतदाताओं के फ़ैसले का आदर करना चाहिए. उन्होंने कहा कि वो फ़लस्तीन के पुनर्निर्माण के लिए अरब और मुसलिम देशों से सहायता की उम्मीद करते हैं. बुश की धमकी अमरीकी राष्ट्रपति बुश ने कहा है कि अगर हमास ने अपने हथियार नहीं डाले तो अमरीका से फ़लस्तीन को मिलने वाली सहायता बंद हो जाएगी. उनका कहना था, "उन्हें अपने दल के सारे हथियार डालने होंगे, हिंसा का रास्ता छोड़ना होगा. और इसराइल को नष्ट करने का संकल्प त्यागना होगा. अगर वो यह नहीं करते तो हम उनके साथ कोई संबंध नहीं रखेंगे. हम ऐसी सरकार को मदद नहीं दे सकते जो हमारे मित्र राष्ट्रों को नष्ट करने का इरादा रखती है." मगर संयुक्त राष्ट्र में अरब लीग के राजदूत याहया महमसानी ने कहा है कि जो लोग लोकतंत्र की दुहाई देते हैं उन्हें लोकतंत्र के नतीजों को स्वीकार करना चाहिए. उनका कहना है कि हमास की जीत लोकतंत्र का ही नतीजा है. | इससे जुड़ी ख़बरें जीत के बाद हमास का रुख़ बदलेगा?27 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना फ़तह का प्रदर्शन, हमास को निमंत्रण27 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना सरकार गठन की प्रक्रिया शीघ्र शुरू होगी27 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना क्या कहना है अरब मीडिया का?27 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||