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सीरिया के मंत्री की आत्महत्या | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सीरिया की सरकारी समाचार एजेंसी ने ख़बर दी है कि सीरिया के आंतरिक सुरक्षा मामलों के मंत्री ग़ाज़ी कनान ने आत्महत्या कर ली है. लेबनान के पूर्व प्रधानमंत्री रफ़ीक हरीरी की फ़रवरी 2005 में एक विस्फोट में हुई मौत की जाँच कर रहे एक संयुक्त राष्ट्र अधिकारी ने पिछले महीने ग़ाज़ी कनान कथित तौर पर पूछताछ की थी. ग़ाज़ी कनान कई साल तक सीरिया के वरिष्ठ ख़ुफ़िया अधिकारी के तौर पर लेबनान में तैनात रहे थे. ग़ौरतलब है कि लेबनान में कई दशकों से सीरियाई सैनिक तैनात थे और वहाँ सीरिया का दबदबा था. ग़ाज़ी कनान 2002 में लेबनान से सीरिया वापस लौटे थे और उन्हें राजनीतिक ख़ुफ़िया प्रमुख बनाया गया था. 2004 में उन्हें सरकार में शामिल किया गया था. अमरीका ने अपने यहाँ ग़ाज़ी कनान की संपत्ति यह कहते हुए ज़ब्त कर ली थी कि उन्होंने लेबनान में आतंकवाद को बढ़ावा दिया है. सीरिआई अरब न्यूज़ एजेंसी ने कहा है, "आंतरिक सुरक्षा मंत्री ब्रिगेडियर जनरल ग़ाज़ी कनान ने अपने दफ़्तर में दोपहर से पहले आत्महत्या कर ली." एजेंसी ने कहा है कि अधिकारी ग़ाज़ी कनान की मौत से संबंधित घटनाओं की जाँच-पड़ताल कर रहे हैं. लेबनान के पूर्व प्रधानमंत्री रफ़ीक हरीरी की मौत से संबंधित घटनाओं के बारे में संयुक्त राष्ट्र की जाँच रिपोर्ट अक्तूबर के अंत में पेश किए जाने की संभावना है. संवाददाताओं का कहना है कि रिपोर्ट में ऐसी संभावना है कि बेरूत में फ़रवरी में हुए उस बम विस्फोट के लिए लेबनान में सीरिया के ख़ुफ़िया तंत्र को ज़िम्मेदार बताया जाएगा. उस बम विस्फोट में रफ़ीक हरीरी सहित 20 लोगों की जानें चली गई थीं जिसके बाद लेबनान में राजनीतिक उथल-पुथल हो गई थी. बाद में लेबनान से सीरियाई सैनिकों को हटाने के लिए अंतरराष्ट्रीय दबाव भी बना था और सीरिया को अपने सैनिक लेबनान से हटाने पड़े थे. |
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