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हरीरी की हत्या मामले में आरोप तय | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लेबनान के पूर्व प्रधानमंत्री रफ़ीक हरीरी की हत्या के मामले में चार सीरिया समर्थक जनरलों के ख़िलाफ़ आरोप तय किए गए हैं. ग़ौरतलब है कि रफ़ीक हरीरी इसी साल फ़रवरी में हुए एक बम धमाके में मारे गए थे. रफ़ीक हरीरी की मौत के बाद लेबनान के राजनीतिक पटल पर उथल-पुथल मच गई थी और अंतरराष्ट्रीय दबाव इतना पड़ा कि सीरिया को वहाँ से अपनी सेनाएँ हटानी पड़ी थीं. उनकी हत्या की जाँच संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व वाला एक जाँच दल कर रहा था और इसी जाँच के तहत इन चार जनरलों को गत मंगलवार को गिरफ़्तार किया गया था. जिन चार जनरलों पर आरोप लगाए गए हैं वे हैं -
जाँच दल के मुखिया डेटलेफ़ मेहलिस ने पहले कहा था कि इन चार लोगों पर रफ़ीक हरीरी की हत्या की साज़िश रचने में मदद का संदेह था.
इन चारों को सीरिया का प्रबल समर्थक माना जाता है. डेटलेफ़ मेहलिस ने कहा है कि ये चार लोग तो बड़ी तस्वीर का सिर्फ़ एक छोटा हिस्सा हैं और इस मामले में ज़्यादा जाँच की ज़रूरत है. बीबीसी संवाददाता किम घटस का कहना है कि किसी ज़माने में शक्तिशाली अधिकारी रहे इन जनरलों से शुक्रवार को विशेष जज पूछताछ करेगा. बहुत से लेबनानी रफ़ीक हरीरी की हत्या के लिए सीरिया को ज़िम्मेदार ठहराते हैं, हालाँकि सीरिया ने इन आरोपों का बार-बार खंडन किया है. मेहलिस ने कहा कि सीरिया का सहयोग बहुत महत्वपूर्ण है और वह इस मामले में अधिकारियों से मिलने के लिए दमिश्क जाने की इच्छा रखते हैं. मेहलिस को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से जाँच के लिए 15 सितंबर तक का समय मिला हुआ है. हालाँकि उन्होंने संकेत दिया है कि अगर ज़रूरत पड़ी तो जाँच के लिए और समय दिया जा सकता है. |
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