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लेबनान में ज़ोरदार सरकार विरोधी प्रदर्शन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लेबनान की राजधानी बेरूत में सरकारी प्रतिबंध के बावजूद हज़ारों लोग प्रदर्शन कर रहे हैं और सरकार के इस्तीफ़े की माँग कर रहे हैं. लेबनान में दो हफ़्ते पहले पूर्व प्रधानमंत्री रफ़ीक हरीरी की हत्या के बाद तनाव बढ़ गया है. बेरूत को जाने वाली सब सड़कों को सेना और पुलिस ने बंद कर दिया है. विपक्ष ने सोमवार को आम हड़ताल बुला रखी है और संसद के सत्र में सरकार के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव भी लाने की घोषणा की है. उधर सरकार के समर्थन वाली पार्टियों ने भी रैली बुलाई है. इन परिस्थितियों में सरकार ने प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लगा दिया है. लेकिन लेबनान में विपक्ष ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रतिबंध के बावजूद प्रदर्शन जारी रखेंगे. लेबनान के विपक्षी नेता वालिद जुनब्लैट का कहना था, "हम केवल हथियारों से लैस, हत्याओं वाले प्रशासन का सामना करना चाहते हैं. न इससे कम, न इससे ज़्यादा. हम शांतिपूर्ण हैं. हम जानना चाहते हैं कि रफ़ीक़ हरीरी की हत्या किसने की?" प्रदर्शनकारी माँग कर रहे हैं कि लेबनान से सीरिया के 15 हज़ार सैनिकों को वापस भेजा जाए. अमरीकी राजूदत डेविड सैटरफ़ील्ड बेरूत में बातचीत करने के लिए पहुँचे हैं. उन्होंने भी अमरीकी माँग दोहराई है कि सीरिया लेबनान से अपने सैनिक वापस बुलाए. सीरिया कह चुका है कि उसकी नीति लेबनान से जल्द से जल्द सैनिक वापस बुलाने की है. |
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