|
बुश की सीरिया और ईरान को चेतावनी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने अपने दूसरे कार्यकाल का एजेंडा निर्धारित करते हुए आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले और महाविनाश के हथियार हासिल करने की कोशिश करने वाले देशों को चेतावनी दी है. उन्होंने अमरीकी सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया है. अपने वार्षिक भाषण 'स्टेट ऑफ़ द यूनियन एड्रेस' में उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व में शांति को बढ़ावा देने के लिए आतंकवादियों को शरण देने और महाविनाश के हथियारों को हासिल करने की जुगत में लगे देशों का सामना करना होगा. टेलीविज़न पर सीधे प्रसारित भाषण में बुश ने सीरिया का नाम लेते हुए कहा कि वह अब भी आतंकवादियों को अपनी ज़मीन और लेबनान के कुछ हिस्से का उपयोग करने दे रहा है. इसी तरह ईरान को उन्होंने आतंकवाद का साथ देने वाला दुनिया का प्रमुख देश बताया. बुश ने कहा कि ईरान एक तरफ परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश कर रहा है, दूसरी ओर वह अपनी जनता को आज़ादी नहीं दे रहा. उन्होंने कहा कि दो लोकतांत्रिक देशों के रूप में इसराइल और फ़लस्तीन के सहअस्तित्व का लक्ष्य पहुँच से ज़्यादा दूर नहीं है. इराक़ी सुरक्षा बल अमरीकी कांग्रेस की संयुक्त बैठक में बुश का 'स्टेट ऑफ़ द यूनियन' भाषण क़रीब एक घंटे तक चला. उन्होंने इराक़ में हुए चुनाव को लोकतंत्र की जीत बनाया है और कहा कि इराक़ी सुरक्षा बलों को दिए जा रहे प्रशिक्षण से धीरे-धीरे अमरीकी बलों पर दबाव कम हो सकेगा. बुश ने कहा, "हम ज़्यादा सक्षम इराक़ी सुरक्षा बल के गठन पर ख़ास ध्यान देंगे." घरेलू मुद्दे पर बुश ने ज़्यादा ज़ोर पेंशन योजना के आंशिक निजीकरण पर दिया. उन्होंने कहा कि मौजूदा पेंशन योजना दिवालियेपन के कगार पर है. बुश ने अमरीकी अर्थव्यवस्था को मज़बूत बनाने को अपनी प्राथमिकता बताया. उन्होंने आव्रजन नियमों को लचीला बनाने की भी बात की. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||