BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
बुधवार, 26 जनवरी, 2005 को 02:02 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
बुश ने 80 अरब डॉलर और मांगे
इराक़ में चुनाव
इराक़ में चुनाव को देखते हुए अमरीकी सैनिकों की संख्या बढ़ा दी गई है
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्लू बुश की सरकार ने इराक़ और अफ़ग़ानिस्तान में सैन्य अभियान जारी रखने के लिए 80 अरब डॉलर (यानी 3600 अरब रुपए) की अतिरिक्त सहायता देने की मांग रखी है.

राष्ट्रपति के कार्यालय व्हाइट हाउस ने संसद के सामने रखे गए इस मांग की पुष्टि की है.

इस राशि का ज़्यादातर हिस्सा इराक़ और अफ़ग़ानिस्तान में तैनात सैनिकों की तनख़्वाह के रुप में जाएगा या फिर उपकरणों की मरम्मत में ख़र्च किया जाएगा.

संसद ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए 25 अरब डॉलर की मंज़ूरी पहले ही दे दी है.

उधर एक शीर्ष अमरीकी सैन्य अधिकारी ने कहा है कि संभावना है कि इराक़ में अमरीका के एक लाख 20 हज़ार सैनिकों के कम से कम दो वर्ष तक और रहेंगे.

इराक़ के चुनाव को देखते हुए हाल ही में अमरीकी सैनिकों की संख्या बढ़ाकर डेढ़ लाख की गई है.

बीबीसी संवाददाता निक चाइल्ड्स के अनुसार अब अमरीकी अधिकारी इस बात को राज़ नहीं रखना चाहते कि इराक़ में इतनी बढ़ी संख्या में अमरीकी सैनिक मौजूद हैं.

आर्थिक सहायता

बुश प्रशासन ने 80 अरब डॉलर की जो अतिरिक्त सहायता मांगी है उसे मिलाकर 11 सितंबर 2001 में अमरीका पर हुए चरमपंथी हमले के बाद से युद्ध पर हुआ खर्च 300 अरब अमरीकी डॉलर पहुँच जाएगा.

यह राशि अमरीकी रक्षा मंत्रालय के 400 अरब डॉलर के बजट के अतिरिक्त है.

अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी सैनिक
अफ़ग़ानिस्तान में सैन्य कार्रवाइयों के लिए पिछले साल 60 अरब डॉलर दिए गए थे

अभी जो राशि मांगी जा रही है उसका कुछ हिस्सा इराक़ और अफ़ग़ानिस्तान में सैनिकों के प्रशिक्षण में खर्च होगी और डेढ़ अरब डॉलर से इराक़ की राजधानी बग़दाद में अमरीकी दूतावास बनाया जाएगा.

अमरीकी प्रशासन का कहना है कि फ़लस्तीन और उक्रेन की नई सरकारों की सहायता के लिए भी कुछ राशि दी जाएगी.

पिछले साल इराक़ के लिए 120 अरब डॉलर और अफ़ग़ानिस्तान के लिए 60 अरब डॉलर की राशि दी गई थी.

संभावना है कि बुश इस राशि की मांग के साथ सूनामी पीड़ितों को दी जाने वाली सहायता राशि की भी मांग संसद के सामने रखेंगे.

इससे जुड़ी ख़बरें
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>