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दुनिया भर में आज़ादी फैलाएंगे : बुश | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने एक भव्य समारोह में शपथ लेकर अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत कर दी है. बुश ने एक हाथ उठाकर और दूसरा हाथ बाइबिल पर रखकर शपथ लिया. बुश ने शपथ ग्रहण के बाद अमरीकी जनता को संबोधित करते हुए कहा " दुनिया भर में आतंकवाद के इस दौर में शांति का एकमात्र रास्ता विश्व भर में आजादी को बढ़ावा देना ही है." अमरीका के 43वें राष्ट्रपति ने कहा कि अमरीका की आजादी इसी में निहित है कि दुनिया भर में आज़ादी का माहौल बने. उन्होंने कहा कि अमरीका की नीति हमेशा से लोकतंत्र को समर्थन देने की रही है और इसके पीछे उद्देश्य तानाशाही को ख़त्म करने का रहा है. उन्होंने कहा " आज़ादी के बिना न्याय नहीं हो सकता और बिना मानव की स्वतंत्रता के मानवाधिकारों की बात नहीं हो सकती. " बुश ने कहा कि अमरीका स्वीकार नहीं करता कि कहीं भी हमेशा के लिए तानाशाही बनी रहे. बुश ने कहा "जो लोग भी तानाशाही और निराशाजनक माहौल में रहे हैं उन्हें बता दूं कि अमरीका उनके दमन को नज़रअंदाज़ नहीं करेगा. उनका दमन करने वालों को क्षमा नहीं करेगा. अगर वो इसके ख़िलाफ खड़े होंगे तो अमरीका उनका साथ देगा. " सुरक्षा व्यवस्था शपथ ग्रहण समारोह के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी. आयोजन स्थल कैपिटल हिल और व्हाइट हाउस के पास की इमारतों पर अचूक निशानेबाज़ तैनात किए गए थे. . कई इलाक़ों में अवरोध खड़े किए गए और गटर पर लगे ढक्कनों को सील कर दिया गया इस समारोह में करीब पांच लाख लोगों ने हिस्सा लिया. ग़ौरतलब है कि पिछले साल नवंबर में हुए एक काँटे के मुक़ाबले में रिपब्लिकन उम्मीदवार जॉर्ज बुश ने जीत दर्ज की थी. डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जॉन कैरी ने उन्हें काफ़ी कड़ी टक्कर दी थी और इस चुनाव पर दुनिया भर की नज़र थी. बीबीसी ने जॉर्ज बुश की लोकप्रियता जानने के लिए 21 देशों में हाल ही में एक सर्वेक्षण कराया था जिसमें सिर्फ़ दो देशों में अधिकतर लोगों ने कहा कि बुश के दोबारा राष्ट्रपति बनने से दुनिया को फ़ायदा होगा. बाक़ी ज़्यादातर देशों में सर्वेक्षण में भाग लेने वालों ने यही कहा था कि बुश के दोबारा इस पद पर बैठने से दुनिया और ज़्यादा असुरक्षित हुई है. बुश के कार्यकाल की तारीफ़ करने वाले फ़िलीपीन्स में भी आगे रहे. बुश विरोधी विचारों की बहुलता नज़र आई अमरीका के एक निकट सहयोगी देश तुर्की में, जहाँ क़रीब 80 प्रतिशत लोगों ने कहा कि बुश की नीतियों से दुनिया और ज़्यादा असुरक्षित हुई है.
वाशिंगटन में बीबीसी संवाददाता का कहना है कि व्हाइट हाउस से जानकारी मिली है कि राष्ट्रपति बुश अपने शपथ भाषण में 20 बार संशोधन किया. संवाददाता का कहना है कि हाल के दिनों में इस भाषण के मसौदे में तो मामूली तब्दीलियाँ की गई हैं लेकिन संशोधन की प्रक्रिया अंतिम समय तक जारी रही. इस समारोह के दौरान बुश अपनी उस पारिवारिक बाइबिल पर हाथ रखकर शपथ ली जिस पर हाथ रखकर उनके पिता जॉर्ज बुश सीनियर ने भी शपथ ली थी. |
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