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इतनी बड़ी त्रासदी कभी नहीं देखी: पावेल | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इंडोनेशिया के भूकंप प्रभावित प्रांत आचे का दौरा करने के बाद अमरीकी विदेश मंत्री कॉलिन पावेल ने कहा है कि उन्होंने इतनी बड़ी त्रासदी कभी नहीं देखी. कॉलिन पावेल ने राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के भाई और फ़्लोरिडा के गवर्नर जेब बुश के साथ इंडोनेशिया के पश्चिमी तटवर्ती इलाक़ों का हेलिकॉप्टर से सर्वेक्षण किया. बाद में बांदा आचे में एक प्रेस कॉफ़्रेंस में पावेल ने कहा, "मैं कई लड़ाइयों में शामिल रहा हूँ. मैंने समुद्री तूफ़ान जैसी कई प्राकृतिक आपदाओं के बाद की स्थिति को भी महसूस किया है लेकिन मैंने आज तक इतनी बड़ी त्रासदी नहीं देखी." उन्होंने कहा कि वे उस स्थिति के बारे में सोच भी नहीं सकते जिससे कई परिवारों को गुजरना पड़ा है. उन्होंने कहा कि वे इस आपदा से प्रभावित इलाक़ों की ज़रूरतों के बारे में अच्छी तरह समझ गए हैं. पावेल ने इस क्षेत्र में राहत और पुनर्निर्माण कार्यों को लेकर अमरीका की प्रतिबद्धता दोहराई. सम्मेलन गुरुवार को इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में अंतरराष्ट्रीय दाता देशों का एक सम्मेलन हो रहा है जिसमें इस तबाही से निपटने की कोशिशों के बारे में चर्चा होगी. इस बैठक में दुनियाभर के कई नेता शामिल हो रहे हैं. अमरीकी विदेश मंत्री कॉलिन पावेल और जेब बुश भी इस बैठक में शामिल होंगे. इस बैठक में इस बात पर भी चर्चा होगी कि कैसे लंबे समय तक चलने वाले पुनर्निर्माण कार्यों के लिए रणनीति बनाई जाए. इस बीच अमरीकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने घोषणा की है कि वह राहत और बचाव कार्य में जुटे अपने हेलिकॉप्टरों की संख्या दोगुनी कर रहा है. अमरीका के 13 हज़ार सैनिक पहले से ही राहत और बचाव कार्य में जुटे हुए हैं. ब्रितानी सरकार ने भी आपात सहायता पहुँचाने के लिए 120 गोरखा सैनिकों को इंडोनेशिया भेजने का प्रस्ताव रखा है. |
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