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बुधवार, 19 जनवरी, 2005 को 00:19 GMT तक के समाचार
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भारत में बुश प्रशासन क्यों लोकप्रिय?
जॉर्ज बुश
बीस जनवरी को दूसरा कार्यकाल शुरू
इसमें कोई शक नहीं कि आज के दौर में अमरीकी राष्ट्रपति दुनिया में सबसे ताक़तवर नेता और राष्ट्राध्यक्ष होता है लेकिन उसकी लोकप्रियता पर मिली-जुली राय रहती है.

अमरीका के मौजूदा राष्ट्रपति जॉर्ज बुश का प्रशासन आख़िर भारत में कितना लोकप्रिय है, यह जानने के लिए एक सर्वेक्षण हुआ तो पाया गया कि चार प्रमुख महानगरों में बुश प्रशासन ख़ास लोकप्रिय है.

इन चान महानगरों, दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता को देश की तेज़ी से आगे बढ़ती अर्थव्यवस्था की नब्ज़ माना जाता है.

क़रीब छह प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर वाले देश भारत में बहुत से लोग मानते हैं कि बुश प्रशासन ख़ासतौर से कामकाज और कारोबार के लिए अच्छा है.

काफ़ी लोग यह भी मानते हैं कि अमरीका के साथ भारत के नज़दीकी व्यापार संबंधों से देश की अर्थव्यवस्था को काफ़ी फ़ायदा हो रहा है.

पिछले साल नवंबर में हुए राष्ट्रपति पद के चुनावों में भारत के व्यसायी समुदाय ने कुछ चिंता ज़ाहिर की थी कि अगर डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जॉन कैरी चुनाव जीत जाते हैं तो अमरीका के साथ भारत की व्यावसायिक साझेदारी पर असर पड़ सकता है.

इन चिंताओं के साथ ये भी दलीलें दी जाती थीं कि जॉन कैरी ने ऐसी अमरीकी कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने की बार-बार हिमायत की थी जो आउटसोर्सिंग कराती हैं यानी अपना बहुत सारा काम विदेशों में मौजूद कंपनियों से कराती हैं.

ग़ौरतलब है कि भारत आज के दौर में आउटसोर्सिंग का एक बड़ा केंद्र बन चुका है जिससे रोज़गार भी काफ़ी बढ़ा है.

जानकारों का कहना है कि बुश प्रशासन की लोकप्रियता कुछ और नहीं होकर सिर्फ़ आर्थिक ज़रूरत जैसी बन चुकी नज़र आती है. जब भारत के चार प्रमुख महानगरों में इस सर्वेक्षण के दौरान लोगों से दुनिया पर अमरीकी प्रभाव के बारे में पूछा गया तो क़रीब 54 प्रतिशत लोग इसके समर्थन में नज़र आए.

लेकिन पाकिस्तान के साथ अमरीकी दोस्ती पर कुछ चिंता भी नज़र आई. ग़ौरतलब है कि आतंकवाद के ख़िलाफ़ कथित अमरीकी लड़ाई में पाकिस्तान भी एक सहयोगी देश है.

इराक़ में भारतीय सेना भेजने का ज़ोरदार विरोध नज़र आया. ग़ौरतलब है कि अमरीका ने भारत से अपने सैनिक इराक़ भेजने का अनुरोध किया था लेकिन इसका भारत में व्यापक विरोध हुआ था.

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