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एक और कंपनी भारत की ओर चली | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन की एक बीमा कंपनी रॉयल एंड सन अलायंस ने कहा है कि वो अपनी ग्यारह सौ नौकरियाँ को भारत ले जा रही है और इस क़दम से कंपनी हर साल एक करोड़ पाउंड से भी अधिक की बचत कर सकेगी. कंपनी का कहना है कि नौकरियाँ भारत ले जाने का काम अगले दो वर्षों में पूरा किया जाएगा. कंपनी ने ये भी कहा है कि ये नौकरियाँ कंपनी के विभिन्न कामकाज से जुड़ी होंगी जिनमे कॉल सेंटर्स के काम भी शामिल होंगे. रॉयल एंड सन अलायंस कंपनी उन बहुत बीमा कंपनियों में से एक है जो कम वेतन और अन्य लागत का लाभ उठाने के लिए अपनी नौकरियाँ एशिया की तरफ़ ले जा रही है. इसकी प्रतिद्वंद्वी कंपनी नॉरिच यूनियन ने 2007 तक अपनी 7,000 नौकरियाँ विदेशों में ले जाने का लक्ष्य बनाया हुआ है. रॉयल एंड सन अलायंस कंपनी के कार्यकारी अधिकारी डनकन बॉयल का कहना है कि ब्रिटेन में कंपनी के रोज़गार को कम करने की प्रक्रिया जहाँ तक संभव होगा स्वाभाविक तरीके और फिर से नियुक्ति के ज़रिए की जाएगी. डनकन बॉयल कहते हैं, "हम एक बहुत ही प्रतिस्पर्धा वाले वातावरण में काम करते हैं और भारत में अपने कुछ रोज़गार को ले जाने से हम न केवल अपने ख़र्च कम करेंगे बल्कि इससे हम अपने काम में और लचीलापन भी ला पाएंगे. ये कंपनी वैसे भी अपने ढाँचे में बदलाव लाने की प्रक्रिया में रोज़गार कम कर रही है. अपनी वित्तीय स्थिति को ठीक करने के लिए कंपनी ने अपनी कई संपत्तियाँ और कारोबार बेच डाले हैं. हाल के वर्षों में ब्रिटेन की कई कंपनियाँ अपने रोज़गार विदेशों में ले गई हैं ताकि सस्ते में मिलने वाले कर्मचारियों का लाभ उठा सकें. श्रम संघों का कहना है कि नौकरियाँ देश से बाहर लेजाने का रॉयल एंड सन अलायंस का फ़ैसला ब्रिटेन के लिए बुरी ख़बर है. एमिकस के राष्ट्रीय सचिव डेविड फ़्लेमिंग कहते हैं, "सन अलायंस बीमा कंपनी की रोज़गार बाहर ले जाने की घोषणा स्पष्ट रूप से ये दिखाती है कि इस तरह रोज़गार को देश से बाहर ले जाना ब्रिटेन के नौकरी क्षेत्र और देश की आर्थिक स्थिति के लिए ख़तरे की घंटी है. उन्होंने ये भी कहा कि पिछले कुछ सप्ताहों में ब्रिटेन मे लगभग आठ हज़ार रोज़गार के ख़त्म होने की घोषणा की गई है. पिछले महीने नॉरिच यूनियन बीमा कंपनी ने कहा था कि वो 950 कॉल सेंटर्स के काम भारत और श्रीलंका ले जा रही है. कंपनी का ये भी कहना था कि उसका लक्ष्य 2007 तक भारत में अपने कर्मचारियों की संख्या 7,000 तक बढ़ा लेने का है. |
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