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राइस ने सीरिया की आलोचना की | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने लेबनान के साथ अपनी सीमाओं पर नियंत्रण कसने के लिए सीरिया की आलोचना की है. लेबनान की राजधानी बेरूत में शुक्रवार को सरकार के साथ बातचीत के बाद कोंडोलीज़ा राइस ने कहा है कि सीमा पर नियंत्रण कसने से लेबनान के व्यापार को झटका लगा है. उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार जल्दी ही शुरू हो जाएगा. साथ ही राइस ने सीरिया चेतावनी भी दी कि वह लेबनान के अंदरूनी मामलों में दख़लअंदाज़ी ना करे. उन्होंने कहा कि उन्होंने लेबनान का दौरा नई सरकार के प्रति अपना समर्थन व्यक्त करने के लिए किया है लेकिन साथ ही उन्होंने शिया संगठन हिज़बुल्लाह को निरस्त्र किए जाने की अपनी माँग भी दोहराई. ग़ौरतलब है कि हिज़बुल्लाह संगठन मौजूदा सरकार में एक सहयोगी दल है. लेबनान के मनोनीत प्रधानमंत्री फौवाद सिनिओरा ने कहा कि हिज़बुल्लाह संगठन के निरस्तीकरण के लिए गंभीर बातचीत जल्द ही शुरू की जाएगी. लेकिन उन्होंने अमरीका से यह भी अनुरोध किया कि वह कुछ समझदारी और संयम भी दिखाए. कोंडोलीज़ा राइस मध्य पूर्व देशों की अपनी यात्रा के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम से पहले ही अचानक लेबनान की राजधानी बेरूत में पहुँचीं और वहाँ के नेताओं से बातचीत की. राइस ने लेबनान के राष्ट्रपति एमाइल लाहौद और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाक़ात की. एमाइल लाहौद को सीरिया का समर्थक माना जाता है. ग़ौरतलब है कि लेबनान से सीरियाई सैनिकों की वापसी कुछ समय पहले ही पूरी हुई है. सीरियाई सैनिक लेबनान में कई दशक से मौजूद थे और उनकी वापसी के लिए सीरिया पर अंतरराष्ट्रीय दबाव था. लेबनान में कुछ समय पहले ही नई सरकार का गठन हुआ है. कोंडोलीज़ा राइस तीन दिन के मध्य पूर्व दौरे पर हैं जो काफ़ी जल्दबाज़ी में तय किया गया. इसराइली शहर यरुशलम से बेरूत के लिए रवाना होने से पहले राइस ने पत्रकारों से कहा था, "यह एक मौक़ा है लोकतंत्र की अपनी इच्छा पूरी करने पर लेबनान के लोगों को बधाई देने का." इससे पहले राइस ने शुक्रवार को ही इसराइल के प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन से मुलाक़ात की और संभावना है कि वह फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास से शनिवार को मुलाक़ात करेंगी. राइस की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब इसराइल और फ़लस्तीनियों के बीच हाल के दिनों में हिंसा में तेज़ी आई है. फ़लस्तीनी क्षेत्र ग़ज़ा से यहूदी बस्तियों को हटाने का काम अगस्त के मध्य से शुरू होने वाला है जिसका काफ़ी इसराइली लोग विरोध भी कर रहे हैं और विरोध प्रदर्शन भी हुए हैं. |
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