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हमास संघर्षविराम जारी रखने के पक्ष में | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मध्य पूर्व में हिंसा के ताज़ा दौर के बीच फ़लस्तीनी चरमपंथी गुट हमास ने कहा है कि वह इसराइल के साथ संघर्षविराम बनाए रखना चाहता है. हमास ने ये बयान ऐसे समय दिया है जब मध्य पूर्व में फ़लस्तीनी और इसराइली पक्ष एक-दूसरे पर संघर्षविराम की अनदेखी के आरोप लगा रहे हैं. ये अनाधिकारिक संघर्षविराम छह महीने पहले लागू हुआ था. लेकिन पिछले कुछ दिनों में दोनों पक्षों की ओर से हिंसा के नए दौर के कारण इस संघर्षविराम पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं. रविवार को फ़लस्तीनियों ने गज़ा पट्टी में दो यहूदी बस्तियों पर मिसाइलों से हमले किए. वहीं एक इसराइली लड़ाकू विमान ने एक कार पर हमला किया जबकि एक इसराइली सुरक्षाकर्मी ने एक स्थानीय हमास नेता को मार डाला. तनाव इसराइल ने गज़ा पट्टी में अपने सैनिकों को तैनात कर रखा है. इसराइल के प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन ने धमकी दी है कि अगर फ़लस्तीनियों ने हमले बंद नहीं किए तो उनके सैनिक आगे बढ़कर ज़मीनी संघर्ष करेंगे. हमास ने पिछले दिनों गज़ा पट्टी और उसके आस-पास इसराइली ठिकानों पर 100 से भी अधिक रॉकेट बरसाए हैं. हमास ने अब कहा है कि वह संघर्षविराम को लेकर तो प्रतिबद्ध है लेकिन इसराइल की कार्रवाई का विरोध करना उसका अधिकार है. इसी सबके बीच फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास ने कहा है कि फ़लस्तीनी प्रशासन ऐसे हमलों को रोकने के लिए हरसंभव प्रयास करेगा. उन्होंने नए तनाव के लिए इसराइल को ज़िम्मेदार ठहराया है और कहा है कि अगर गज़ा में इसराइली सैनिक घुसे तो इससे सारे प्रयास पर पानी फिर जाएगा. लेकिन कड़े विरोध की चेतावनी देने के बावजूद अरियल शेरॉन ने कहा है कि अगले महीने गज़ा पट्टी से इसराइली सैनिकों की वापसी की योजना से पीछे नहीं हटा जाएगा. |
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