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लेबनान में सीरिया विरोधी गठबंधन जीता | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लेबनान में सीरिया विरोधी गठबंधन को संसद में बहुमत मिल गया है. मतों की गिनती का अंतिम दौर समाप्त होने के बाद अधिकारियों ने घोषणा की कि अंतिम दौर में सीरिया विरोधी गठबंधन को 28 सीटें मिली हैं. अब विपक्षी गठबंधन के पास संसद की कुल 128 सीटों में से 72 सीटें हैं. सीरिया के सैनिकों की 29 साल के बाद लेबनान से वापसी के बाद चार चरणों में चुनाव हुए थे. गृह मंत्री हसन साबेह ने पुष्टि की है कि साद हरीरी के नेतृत्व वाले गठबंधन को जीत मिली है. साद हरीरी के पिता रफ़ीक हरीरी की फरवरी महीने में आत्मघाती हमले में हत्या कर दी गई थी जिसके बाद से सीरिया के ख़िलाफ़ लेबनान में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे थे. बेरुत में बीबीसी संवाददाता जिम म्यूर का कहना है कि विपक्ष की जीत के साथ ही लेबनान पर से सीरिया के प्रभाव को जल्द से जल्द ख़त्म करने में मदद मिल सकती है.
साद हरीरी ने चुनाव के दौरान वादा किया था कि अगर वो जीते तो देश में प्रशासनिक, वित्तीय और आर्थिक सुधार कराए जाने के साथ ही भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. साद हरीरी अगले एक हफ्ते में अपनी नीतियों का पूरा ब्यौरा देंगे. उन्होंने एक बयान में कहा कि उनके जो कुछ भी मिला है सब उनके पिता का दिया हुआ है. उत्तरी लेबनान में अंतिम चरण का मतदान हुआ था जहां साद हरीरी के गठबंधन को पूर्व सेनाध्यक्ष और सीरिया समर्थक मिशेल आउन की पार्टी से चुनौती मिल रही थी. रफ़ीक हरीरी की 14 फ़रवरी को हुई हत्या के बाद सीरिया पर लगातार लेबनान से अपने सैनिक बुलाने के लिए अंतरराष्ट्रीय दबाव पड़ रहा था और बाद में बेरुत में हुए प्रदर्शनों के बाद सैनिक वापस बुला लिए गए थे. |
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